रीवा की 13 वर्षीय राधिका ने रचा इतिहास, कम उम्र में 3 ई-बुक्स लिखकर गाड़ा सफलता का झंडा
रीवा: विंध्य की धरती हमेशा से ही प्रतिभाओं की धनी रही है, और अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है—राधिका। रीवा की रहने वाली महज 13 वर्षीय राधिका ने अपनी लेखन क्षमता से सबको हैरत में डाल दिया है। राधिका ने एक के बाद एक अपनी 3 ई-बुक्स (e-Books) प्रकाशित कर डिजिटल लेखन की दुनिया में अपना लोहा मनवाया है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे रीवा जिले के लिए गर्व का विषय है। राधिका की किताबें विभिन्न विषयों और उनकी रचनात्मक सोच का मिश्रण हैं, जो पाठकों को काफी पसंद आ रही हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों ने राधिका के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए एक बड़ा उदाहरण बताया है।
तीनों बुक ऑनलाइन हैं उपलब्ध
राधिकाने बताया कि "उनकी दूसरी ई-बुक fractured days लड़कियों के बारे में हैं जो उनके संघर्ष की कहानी को दर्शाता है. जिसमें वह लड़कियां हैं जो उड़ना तो चाहती हैं मगर उनके पंख किसी ने काट रखे हैं." राधिका ने हाल ही में लिखी हुई अपनी तीसरी ई-बुक the ashed men के बारे में जानकरी देते हुए बताया कि "यह बुक एक प्रेमी और उसके अधूरे प्रेम पर आधारित है, जो कविताओं से भरी है. यह तीनों ई-बुक ऑनलाइन अमेजन किंडल पर उपलब्ध हैं."
'अपने विचारों को सभी के सामने लाने के लिए लिखी ई-बुक'
राधिकाबताती हैं कि "मैं अपने विचारों को लोगों के बीच रखना चाहती थी, इसलिए इसे ई-बुक के जरिए शेयर भी किया. पढ़ाई करने के साथ ही देर रात ई-बुक को लिखने में अपना समय देती थी. मेरे घर पर 80 से ज्यादा किताबें मौजूद हैं जिन्हें मैं पढ़ती हूं और किताबों से मुझे बेहद प्यार है. शुरुआत में तो उन्हें माता-पिता से काफी डांट पड़ी लेकिन अब दोनों ही उनका काफी सपोर्ट करते हैं. राधिका ने पढ़ाई पूरी करने के बाद चार्टेड अकाउंट बनने की इच्छा जाहिर की है."
राधिका की मां आशा मिश्राका कहना है कि" राधिका ने जब ई-बुक लिखना शुरू किया तब ऐसा लगता था की राधिका अपना टाइम वेस्ट कर रही है. लेकिन एक-एक कर जब राधिका ने अपनी तीनों बुक पब्लिश कर दीं तब कहीं जाकर हम लोगों ने राधिका का सपोर्ट करना शुरू किया. मेरे लिए तो सौभाग्य की बात है की हमें ऐसी बेटी मिली है, जिसने इतनी कम उम्र में ही 3 ई-बुक लिखकर बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली."