भोपाल का काला सच: कोडवर्ड में ड्रग्स की 'होम डिलीवरी' और फिर मासूम लड़कियों का सौदा; पुलिस ने किया बड़े रैकेट का भंडाफोड़!
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराध का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो शहर के रसूखदार इलाकों से लेकर झुग्गी-बस्तियों तक अपना जाल फैलाए हुए था। यह गिरोह न केवल युवाओं को 'स्लो पॉइजन' (नशा) परोस रहा था, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को टारगेट कर उन्हें देह व्यापार के नर्क में धकेल रहा था।
कोडवर्ड का खेल: 'सफेद नमक' और 'आइसक्रीम'
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गैंग पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके से कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था। ड्रग्स की मांग करने वाले ग्राहक व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर 'सफेद नमक', 'चीनी', या 'आइसक्रीम' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते थे।
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MDMA (मेफेड्रोन): इसे अक्सर 'मैजिक' या 'व्हाइट क्रिस्टल' कहा जाता था।
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डिलीवरी का तरीका: गिरोह के गुर्गे फूड डिलीवरी बॉय बनकर या जिम ट्रेनर के भेष में ड्रग्स की सप्लाई करते थे ताकि किसी को शक न हो।
मासूम लड़कियों को कैसे बनाया शिकार?
इस गिरोह का सबसे वीभत्स पहलू यह है कि इन्होंने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की लड़कियों को अपना निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले लड़कियों से दोस्ती करते थे और उन्हें पार्टी या जिम में 'एनर्जी बूस्टर' या 'वेट लॉस सप्लीमेंट' के नाम पर नशीले पदार्थ (ड्रग्स) देते थे।
एक बार जब लड़की को नशे की लत लग जाती थी, तो गिरोह उसे ड्रग्स की सप्लाई बंद कर देता था। नशे की तड़प और पैसों की कमी का फायदा उठाकर ये अपराधी उन लड़कियों को रसूखदार लोगों के पास भेजने और देह व्यापार करने के लिए मजबूर करते थे। कई मामलों में लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी किया जाता था।
जिम और पब बने गिरोह के 'हंटिंग ग्राउंड'
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में से एक शहर का चर्चित डीजे (DJ) और एक जिम ट्रेनर शामिल है। ये आरोपी क्लबों और जिम में आने वाली लड़कियों की पहचान करते थे और फिर उन्हें जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें दर्जनों लड़कियों के साथ की गई चैट और आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर भोपाल के पॉश इलाकों (अरेरा कॉलोनी और कोलार) में छापेमारी की। इस दौरान:
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भारी मात्रा में MDMA पाउडर बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में है।
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भारी संख्या में सिम कार्ड और फर्जी आईडी बरामद की गईं।
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कई विदेशी युवतियों के पासपोर्ट और दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने की आशंका है।
प्रशासन की चेतावनी: अभिभावक रहें सतर्क
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कोई अचानक वजन घटाने, रात-रात भर जागने या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखे, तो सतर्क हो जाएं।
"यह सिर्फ एक ड्रग केस नहीं है, बल्कि यह मानव तस्करी और यौन शोषण का एक बड़ा संगठित अपराध है। हम इस गिरोह की जड़ तक जाएंगे और यह पता लगाएंगे कि शहर के कौन से बड़े चेहरे इनके ग्राहक थे।" — भोपाल पुलिस अधिकारी
