MP के कर्मचारियों को बड़ा झटका: 2 महीने तक नहीं मिलेगी छुट्टी, मोहन सरकार का सख्त आदेश जारी!

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के 3 लाख सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर 2 महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। जानिए किन विभागों पर गिरेगी गाज और क्या है सरकार का मास्टर प्लान।
 
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मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आगामी दो महीनों के लिए लगभग 3 लाख कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी कर्मचारी को अवकाश नहीं दिया जाएगा।

​प्रशासनिक मुस्तैदी या कोई बड़ा मिशन?

​सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण आगामी महीनों में होने वाले महत्वपूर्ण सरकारी अभियान और विकास कार्यों की समीक्षा को बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो सरकार "विकसित मध्य प्रदेश" के रोडमैप पर तेज़ी से काम करना चाहती है, जिसके लिए ज़मीनी स्तर पर कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। विशेष रूप से राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

​इन कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश

​यह आदेश मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों और श्रेणियों पर प्रभाव डालेगा:

​राजस्व विभाग: पटवारी, तहसीलदार और कलेक्ट्रेट स्टाफ।

​शिक्षा विभाग: बोर्ड परीक्षाओं और नए सत्र की तैयारियों में जुटे शिक्षक।

​विकास विभाग: पंचायत सचिव और ग्रामीण विकास के मैदानी कर्मचारी।

​नगरीय निकाय: स्वच्छता और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी।

​छुट्टियों के लिए लेनी होगी विशेष अनुमति

​सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के घर में अत्यंत अनिवार्य कार्य या आकस्मिक चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) जैसी स्थिति बनती है, तो उसे अवकाश के लिए अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (जैसे कलेक्टर या विभागाध्यक्ष) से लिखित अनुमति लेनी होगी। सामान्य कारणों से दिए जाने वाले आवेदन सीधे तौर पर खारिज कर दिए जाएंगे।

​कर्मचारियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

​सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों में हलचल तेज़ हो गई है। कुछ संगठनों का कहना है कि लगातार काम के दबाव से कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, वहीं सरकार का तर्क है कि जनहित के कार्यों को समय पर पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।

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