किसानों के लिए बड़ी ख़बर: 1 दिसंबर से शुरू होगी धान खरीदी, MSP पर 20 जनवरी तक होगी खरीद!
मध्य प्रदेश सरकार ने जारी की नई उपार्जन नीति; ज्वार और बाजरा की खरीद भी जल्द
Sun, 30 Nov 2025
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रबी विपणन सत्र 2025-26 के लिए धान, ज्वार और बाजराyu की खरीदी हेतु नई उपार्जन नीति की घोषणा कर दी है। इसके तहत, किसानों से उनकी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाएगी, जिससे उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत हो।
धान खरीदी की प्रमुख तिथियाँ और दरें
इस वर्ष धान की खरीद 1 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान खरीद का कार्य सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक संचालित होगा, जिससे खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2025-26 (प्रति क्विंटल):
धान (कॉमन): ₹2,369
धान (ग्रेड-ए): ₹2,389
सरकार ने कलेक्टरों, नागरिक आपूर्ति निगम (NAC) और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसानों को सहूलियत प्रदान करने के लिए तमाम खरीदी केंद्रों पर पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया है।
ज्वार और बाजरा की खरीद का कार्यक्रम
धान के साथ-साथ, प्रदेश सरकार ने ज्वार और बाजरा की खरीदी का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है, जो कि धान की खरीद से पहले शुरू हो चुका है।
ज्वार और बाजरा की खरीदी की तिथियाँ: 24 नवंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक।
ज्वार और बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2025-26 (प्रति क्विंटल):
फसल MSP (प्रति क्विंटल)
ज्वार (मालदंडी) ₹3,749
ज्वार (हाइब्रिड) ₹3,699
बाजरा ₹2,775
गुणवत्ता और खरीद के नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल औसत अच्छी गुणवत्ता वाली उपज की ही खरीद की जाएगी। खरीदी केंद्रों पर उपज की गुणवत्ता जांचने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी उपज में नमी की मात्रा, बाहरी तत्व और अन्य दोष निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। MSP किसानों को बाज़ार की कीमतों में गिरावट होने पर भी एक न्यूनतम गारंटीकृत मूल्य सुनिश्चित करता है, जो उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
किसानों को खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने से पहले स्लॉट बुकिंग कराना अनिवार्य होगा, जिससे केंद्र पर सुचारू रूप से कार्य हो सके और किसानों को लंबा इंतज़ार न करना पड़े। सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी हो और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनी रहे।
इस पहल से यह उम्मीद है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा और मध्य प्रदेश में कृषि उपज के विपणन की व्यवस्था और अधिक मज़बूत होगी।
