मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: ₹17.73 करोड़ का बकाया माफ, 63,827 उपभोक्ता लाभान्वित

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू की गई 'समाधान योजना 2025-26' के पहले चरण में पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने दर्ज की बड़ी उपलब्धि, लाखों परिवारों को मिली राहत।
 
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मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी 'समाधान योजना 2025-26' के पहले चरण में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के 63,827 उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिलों का बकाया नहीं चुकाना पड़ा है। इस पहल के तहत कुल ₹17.73 करोड़ की बकाया राशि को माफ कर दिया गया है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिली है।

​ समाधान योजना: एकमुश्त निपटान की पहल
​यह उपलब्धि मुख्य रूप से मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत दर्ज की गई है। इस योजना को विशेष रूप से उन घरेलू, कृषि, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए लाया गया है, जिनके बिजली बिल तीन महीने या उससे अधिक समय से बकाया थे।
​इस योजना का मुख्य आकर्षण विलंबित भुगतान अधिभार (Surcharge) में दी जाने वाली भारी छूट है, जो बकाया बिलों के बोझ को कम करने में सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना का शुभारंभ करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं को राहत देना नहीं, बल्कि राज्य की समग्र विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूती प्रदान करना भी है।
लाखों उपभोक्ताओं को लाभ, माफ हुआ ₹3,000 करोड़ का सरचार्ज
​राज्य सरकार का अनुमान है कि इस 'समाधान योजना' से पूरे मध्य प्रदेश के लगभग 90 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। योजना के तहत सरकार लगभग ₹3,000 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
​इस व्यापक राहत के पीछे मुख्य कारण उपभोक्ताओं को बकाया राशि के एकमुश्त या किश्तों में भुगतान पर 60% से लेकर 100% तक सरचार्ज (विलंबित भुगतान अधिभार) में छूट देना है।
​ दो चरणों में लागू है योजना (नवंबर 2025 - फरवरी 2026)
​उपभोक्ताओं को अधिकतम लाभ पहुँचाने के लिए 'समाधान योजना 2025-26' को दो चरणों में लागू किया गया है:
​प्रथम चरण (3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025): इस अवधि में उपभोक्ताओं को बकाया राशि के सरचार्ज में 60% से 100% तक की अधिकतम छूट प्रदान की जा रही है।
​द्वितीय चरण (1 जनवरी से 28 फरवरी 2026): इस चरण में सरचार्ज में छूट का प्रतिशत थोड़ा कम होकर 50% से 90% तक रहेगा।
​उपभोक्ताओं को योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जिसके लिए उन्हें अपनी कुल बकाया राशि का एक निश्चित प्रतिशत (जैसे घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए 10% और गैर-घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 25%) जमा करना होगा।
​📈 वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार
​यह योजना केवल उपभोक्ताओं के लिए ही राहतकारी नहीं है, बल्कि इससे राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है। लंबित बिलों की वसूली से इन कंपनियों को बड़ी पूंजी मिलेगी, जिसका उपयोग वे अपनी परिचालन क्षमता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में कर सकेंगी। यह अंततः राज्य में विद्युत आपूर्ति को और अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनाएगा।
​इस प्रकार, 'समाधान योजना' मध्य प्रदेश सरकार की एक सफल पहल साबित हो रही है, जिसने न केवल लाखों परिवारों को राहत दी है, बल्कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को भी वित्तीय मजबूती प्रदान की है।

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