धान उत्पादकों को मुख्यमंत्री की 'बड़ी सौगात': श्योपुर में 3 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹238 करोड़ 78 लाख की राहत राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर

अतिवृष्टि, बाढ़ और कीट व्याधि से प्रभावित 6 जिलों के अन्नदाताओं को मिली आर्थिक संबल, सीएम ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
 
राहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रुपये की मुआवजा राशि अंतरित की। यह राशि उन किसानों को दी गई है जिनकी फसलें अतिवृष्टि (भारी बारिश), बाढ़ और कीट व्याधि (पीला मोजेक) के कारण क्षतिग्रस्त हुई थीं।

​राहत राशि: ₹238 करोड़ 78 लाख।

​लाभान्वित किसान: 3.05 लाख से अधिक (3,05,410)।

​प्रभावित जिले: श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार और खंडवा।

​प्रभावित गांव/तहसील: 6 जिलों की 23 तहसीलों के 2,148 गांव।

​श्योपुर को सर्वाधिक लाभ: श्योपुर जिले के 10,078 धान प्रभावित किसानों को अकेले 100 करोड़ 83 लाख रुपये की सबसे बड़ी मुआवजा राशि प्राप्त हुई है।

​किसान कल्याण पर सरकार का ज़ोर

​मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है और हर वादे को पूरा कर रही है। यह राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और उन्हें तत्काल आर्थिक संबल मिल सके।

​मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल क्षति का सही मूल्यांकन करने के लिए राज्य सरकार ने पहले ही विस्तृत सर्वेक्षण (सर्वे) के आदेश दिए थे, जिसके आधार पर यह मुआवजा राशि वितरित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना के तहत राहत देने वाला देश का अकेला राज्य है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार गेहूं की खरीद ₹2600 प्रति क्विंटल की दर से करने और धान पर बोनस देने के लिए संकल्पित है।

​विकास कार्यों की सौगात और राजनीतिक वार

​राहत राशि वितरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने श्योपुर क्षेत्र के लिए कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें सेसईपुरा में आदिवासी बालक आश्रम (₹2.75 करोड़), श्योपुर में नर्सिंग कॉलेज भवन (₹14.8 करोड़) और 50 बिस्तर वाले एकीकृत आयुष अस्पताल (₹14.95 करोड़) का शिलान्यास भी शामिल है।

​अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने श्योपुर के मतदाताओं से सवाल किया कि कड़ी मेहनत और विकास कार्य करने के बावजूद वे कांग्रेस के विधायकों को क्यों चुनते हैं। उन्होंने जनता से आगामी चुनावों में भाजपा को मजबूत करने की अपील की और श्योपुर को प्रदेश के विकास पथ पर आगे लाने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल 'दिल से काम' नहीं करती, बल्कि विकास को ज़मीन पर उतारने के लिए पूरी 'आत्मा' लगा देती है।

​यह राहत राशि ऐसे समय में मिली है जब धान उत्पादक किसान फसल नुकसान से जूझ रहे थे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को एक बड़ी मजबूती मिली है। सरकार का यह कदम कृषि कल्याण के प्रति उसकी सजगता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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