मध्य प्रदेश में कंपकंपाती ठंड के बाद राहत के आसार: भोपाल, इंदौर, शाजापुर और राजगढ़ में शीतलहर का प्रकोप, अब बढ़ेगा रात का पारा!

भोपा
MP Weather Update: उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण टूटा रिकॉर्ड, लेकिन मौसम के रुख में बदलाव से दो से चार डिग्री तक बढ़ सकता है न्यूनतम तापमान.
 
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मध्य प्रदेश के कई शहर, खासकर भोपाल, इंदौर, शाजापुर, और राजगढ़, पिछले कुछ दिनों से तीव्र शीतलहर की चपेट में रहे, जिससे नवंबर के महीने में ही दिसंबर-जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड महसूस हुई। उत्तर भारत से आ रही सर्द और सूखी हवाओं ने पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश में तापमान को सामान्य से काफी नीचे ला दिया था, कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे भी नीचे दर्ज किया गया।
​रिकॉर्ड तोड़ ठंड और शीतलहर का कहर
​मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल नवंबर में असामान्य रूप से लंबी और तीव्र शीतलहर देखने को मिली। कई शहरों में रात के तापमान ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
​राजगढ़ लगातार सबसे ठंडा जिला बना रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम था।
​भोपाल में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जिसने शहर में गंभीर शीतलहर की स्थिति पैदा कर दी। कुछ दिनों पहले, भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 84 साल का रिकॉर्ड था।
​इंदौर और शाजापुर में भी शीतलहर का तीव्र प्रकोप रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। इंदौर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे था।
​इन जिलों में दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस कम रहा, जिससे दिनभर ठिठुरन बनी रही। मौसम विशेषज्ञों ने इसे ला-नीना के असर और लगातार उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के प्रवाह से जोड़ा था, जिसके कारण आकाश साफ रहा और सतह पर तेजी से ठंडक बढ़ी।
​अब मिलेगी ठंड से आंशिक राहत
​हालांकि, अब मौसम विज्ञानियों ने राहत भरी खबर दी है। उनके अनुसार, हवाओं के रुख में हो रहे बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों में ठंड से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
​तापमान बढ़ने के प्रमुख कारण:
​हवाओं के रुख में बदलाव: उत्तर-पश्चिमी हवाओं का रुख बदलकर अब उत्तर-पूर्वी और पूर्वी होने लगा है। हालांकि हवाओं की गति अभी मंद है, लेकिन यह बदलाव ठंड के तीखेपन को कम करने में सहायक होगा।
​नमी में वृद्धि: हवाओं के रुख में परिवर्तन के साथ वातावरण में नमी (Moisture) बढ़ने लगी है, जिससे तापमान में गिरावट की दर धीमी होगी।
​मौसम प्रणालियों का प्रभाव: दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने की संभावना है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हवाओं के पैटर्न को बदलकर मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है और ठंड की तीव्रता को कम करेगा।
​मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन से पांच दिनों में मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इससे न्यूनतम तापमान फिर से 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक पर पहुंचने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।
​किसानों और आम जनता के लिए सलाह
​तीव्र शीतलहर के दौरान किसानों को फसलों, खासकर रबी सीजन की फसलों, नर्सरी और पशुधन की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करने की सलाह दी गई थी। अब तापमान में वृद्धि की उम्मीद के बावजूद, सुबह और शाम की ठंडक बनी रहेगी। इसलिए, मौसम विभाग ने नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव करने की सलाह दी है।
​ठंड के इस दौर ने नवंबर के मध्य में ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन अब तापमान में होने वाला बदलाव लोगों को थोड़ी राहत देगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में यह वृद्धि एकदम से गर्माहट नहीं लाएगी, बल्कि ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा।

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