नशे पर नकेल: IG गौरव राजपूत की एंट्री से बदला विन्ध्य का माहौल

ऑपरेशन प्रहार 2.0 बना नशा माफिया के लिए काल, रीवा ज़ोन में पुलिस की सख्त कार्रवाई.
 
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रीवा ज़ोन में इन दिनों नशे के कारोबारियों और तस्करों के बीच एक ही नाम चर्चा में है – आईजी गौरव राजपूत। उनकी सख्त छवि और निर्णायक कार्रवाई ने विन्ध्य क्षेत्र में ऐसा माहौल बना दिया है कि अब नशा माफिया या तो फरार हैं या सलाखों के पीछे।
दरअसल, कुछ ही सप्ताह पहले शुरू हुआ ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ अब पूरे जोश में है और इसका असर पूरे संभाग में साफ देखा जा सकता है।
शुरुआत से ही साफ संदेश – ‘नशा बंद करो, वरना अंजाम भुगतो’
आईजी गौरव राजपूत ने पदभार संभालते ही अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिए – “नशा तस्करी बंद करो, वरना गिनती शुरू मानो।”
इसी सख्त रवैये का नतीजा है कि रीवा, सीधी, सिंगरौली और सतना जिलों में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाइयां हो रही हैं।
ऑपरेशन के पहले ही चरण में पुलिस ने कई मेडिकल दुकानों पर छापेमारी कर प्रतिबंधित कफ सिरप, इंजेक्शन और नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया। साथ ही गांजा और सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में सफलता मिली।
नशा माफिया की टूटी कमर, आधा सैकड़ा गिरफ्तार
अब तक दर्जनों रेड में पुलिस ने करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कई कुख्यात सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर जेल की हवा खा रहे हैं, जबकि कई बड़े नाम फरारी काट रहे हैं।
पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण अब मेडिकल माफिया भी खौफ़ में हैं, जो पहले रातों में नशे का अवैध कारोबार बेखौफ़ करते थे।
विन्ध्य की सड़कों पर सन्नाटा, छापों से टूटी तस्करों की कमर
कुछ महीने पहले तक रीवा और आसपास के जिलों में मेडिकल नशे का कारोबार चरम पर था।
युवाओं में लत फैल रही थी, और समाज चिंतित था।
लेकिन आईजी गौरव राजपूत की एंट्री ने पूरा परिदृश्य बदल दिया।
अब वही इलाके, जहां रात को धंधा चलता था, वहां पुलिस की गश्त और सन्नाटा है।
लोग खुलेआम कहने लगे हैं – “अब पुलिस के डर से कोई नशे की बात भी नहीं करता।”
आईजी गौरव राजपूत की लीडरशिप बनी मिसाल
आईजी राजपूत की कार्यशैली में मैदानी उपस्थिति, सख्त मॉनिटरिंग और पारदर्शिता है।
वे खुद ऑपरेशन की प्रगति पर नज़र रखते हैं और अधिकारियों को रोज़ाना रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
उनकी यह सक्रियता अब पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन चुकी है।
विन्ध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रहा यह अभियान अब एक ‘मिशन’ बन गया है, जिसका मकसद सिर्फ एक है –
आईजी गौरव राजपूत की सख्त नीति और नेतृत्व ने विन्ध्य के हालात को नया मोड़ दिया है।
जहां कभी नशे का जाल फैला था, अब वहां कानून का साया और उम्मीद की रोशनी है।
पुलिस की लगातार कार्रवाई से साफ है कि रीवा ज़ोन अब नशा माफिया के लिए नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज के उदाहरण के रूप में पहचाना जाएगा।