रीवा से दिल्ली की पहली सीधी उड़ान: विंध्य क्षेत्र के विकास को लगे 'पंख', मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दी ऐतिहासिक सौगात
Rewa-New Delhi Flight: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए 10 नवंबर 2025 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। वर्षों से प्रतीक्षित रीवा-दिल्ली सीधी विमान सेवा का शुभारंभ हो गया है, जिसने इस क्षेत्र के विकास के सपनों को नई उड़ान दी है।
Mon, 10 Nov 2025
Rewa-New Delhi Flight: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल की उपस्थिति (वर्चुअल और भौतिक) में 72 सीटर एलायंस एयर के विमान ने रीवा के चोरहटा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए अपनी पहली उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक अवसर पर, उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक हवाई जहाज की उड़ान नहीं, बल्कि समूचे विंध्य क्षेत्र के विकास को पंख लगने जैसा है।
ऐतिहासिक क्षण: 72 सीटर विमान ने भरी पहली उड़ान
रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित भव्य समारोह में, उपस्थित सभी गणमान्यों ने इस पल को विंध्य के लिए एक 'मील का पत्थर' बताया। उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस एयरपोर्ट का भूमि पूजन फरवरी 2023 में हुआ था और प्रधानमंत्री जी ने वाराणसी से अक्टूबर 2024 में इसका लोकार्पण किया था। आज, 10 नवंबर 2025 को, रीवा से दिल्ली के लिए डायरेक्ट 72 सीटर प्लेन ने उड़ान भरकर एक सपना साकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि विंध्य क्षेत्र को हिंदुस्तान के अंदर सबसे विकसित इलाके के रूप में स्थापित करना।
पहले, रीवा से दिल्ली की सड़क या रेल यात्रा में 15 घंटे तक का समय लगता था, जिसे अब हवाई सेवा के कारण मात्र 120 मिनट (लगभग 2 से 3 घंटे) में पूरा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समय की बचत पर जोर देते हुए कहा, "15 घंटे और कहां तीन घंटे... यह सौभाग्य की बात है" [24:06]। उन्होंने बाबा महाकाल की कृपा और मां शारदा के आशीर्वाद से इस क्षण के आने की बात कही।
विंध्य क्षेत्र के लिए क्यों जरूरी थी एयर कनेक्टिविटी?
उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन में विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक और औद्योगिक संपदा का विस्तार से उल्लेख किया, जिसके बावजूद एयर कनेक्टिविटी की कमी एक बड़ा अवरोध थी।
औद्योगिक शक्ति: विंध्य में 40 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन होता है और 15,000 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट हैं। यहां एनसीएल और एनटीपीसी जैसे भारत सरकार के बड़े पीएसयू भी मौजूद हैं।
पर्यटन क्षमता: यह क्षेत्र तीन-तीन वाइल्ड और नेशनल पार्क (बांधवगढ़, संजय गांधी, पन्ना नेशनल पार्क) से घिरा हुआ है। साथ ही, महर में शारदा माई का धाम और चित्रकूट में भगवान राम की तपोभूमि जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल भी हैं।
पिछड़ापन दूर करना: एयर कनेक्टिविटी न होने के कारण लोग रीवा आने-जाने से पहले 10 बार सोचते थे, जिससे कई विकास के अवसर हाथ से निकल जाते थे।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी फिजिबिलिटी स्टडी में विंध्य क्षेत्र को सबसे ज्यादा पोटेंशियल वाला क्षेत्र माना था ।
राज्य वीजीएफ योजना (State VGF Scheme) ने किया सपना साकार
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रीवा की हवाई सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।
आरसीएस (UDAN) स्कीम: रीवा से भोपाल के लिए जो फ्लाइट चलती है, वह केंद्र सरकार की आरसीएस (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत सब्सिडी से चलती है।
स्टेट वीजीएफ स्कीम: लेकिन, आज शुरू हुई रीवा से दिल्ली की उड़ान और जल्द ही शुरू होने वाली रीवा से इंदौर (इंडिगो एयरलाइंस) की सेवा, राज्य सरकार की स्टेट वीजीएफ (Viability Gap Funding) योजना से मंजूर हुई है।
एविएशन पॉलिसी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान 14 आकर्षक पॉलिसीज लॉन्च की थीं, जिनमें मध्य प्रदेश की एक नई एविएशन पॉलिसी भी शामिल थी। इस पॉलिसी में 1000 किलोमीटर की यात्रा पर ₹7.5 लाख की सब्सिडी का प्रावधान है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि डॉ. मोहन यादव जी ने स्टेट वीजीएफ योजना बनाने का निर्देश नहीं दिया होता, तो अलायंस एयर और इंडिगो जैसी एयरलाइंस का यहां उड़ान भरना संभव नहीं हो पाता ।
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस नई कनेक्टिविटी का सीधा लाभ विंध्य क्षेत्र के युवाओं और अर्थव्यवस्था को मिलेगा। श्री राजेंद्र शुक्ल ने दुख व्यक्त किया कि पहले यहां के लोग छोटी-छोटी नौकरियों के लिए नागपुर या मुंबई जाने को मजबूर होते थे। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से किनारे पड़ा रीवा अब विकास की गति में सबको पीछे छोड़ेगा।
उद्योग और पर्यटन: अब तेजी के साथ उद्योग, पर्यटन और मेडिकल की सुविधाएं विकसित होंगी।
किसानों की समृद्धि: सिंचाई के लिए बाणसागर का पानी रीवा जिले में और नर्मदा मैया का पानी सतना जिले में आ रहा है। सिंचाई के नहरों का जाल बिछाकर "धरती से दौलत पैदा" करने की अटल जी की कल्पना को साकार किया जा रहा है। इसके लिए 6000 करोड़ रुपए की माइक्रो इरीगेशन योजनाओं पर काम शुरू हो गया है।
भविष्य की योजना: उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अब एयरबस (160 सीटर) जैसी बड़ी उड़ानों के लिए एयरपोर्ट के विस्तार पर काम करें, क्योंकि जानकारों का मानना है कि इंदौर के बाद सबसे ज्यादा हवाई सेवा रीवा से चलेंगी।
सिंगरौली एयरपोर्ट पर भी जल्द शुरू हो हवाई सेवा
इस अवसर पर सीधी के सांसद श्री राजेश मिश्रा जी ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मांग की कि रीवा का विकास हमेशा सीधी-सिंगरौली की तरफ बहता है। उन्होंने निवेदन किया कि अगले एक से तीन महीने के अंदर सिंगरौली एयरपोर्ट से भी हवाई सेवा शुरू कराई जाए।
इस ऐतिहासिक दिन पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के माध्यम से रीवा-नई दिल्ली विमान के टेक ऑफ के लिए हरी झंडी दिखाई. जिसके साथ ही विंध्य क्षेत्र ने विकास के एक नए युग में कदम रख दिया।
रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित भव्य समारोह में, उपस्थित सभी गणमान्यों ने इस पल को विंध्य के लिए एक 'मील का पत्थर' बताया। उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस एयरपोर्ट का भूमि पूजन फरवरी 2023 में हुआ था और प्रधानमंत्री जी ने वाराणसी से अक्टूबर 2024 में इसका लोकार्पण किया था। आज, 10 नवंबर 2025 को, रीवा से दिल्ली के लिए डायरेक्ट 72 सीटर प्लेन ने उड़ान भरकर एक सपना साकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि विंध्य क्षेत्र को हिंदुस्तान के अंदर सबसे विकसित इलाके के रूप में स्थापित करना।
पहले, रीवा से दिल्ली की सड़क या रेल यात्रा में 15 घंटे तक का समय लगता था, जिसे अब हवाई सेवा के कारण मात्र 120 मिनट (लगभग 2 से 3 घंटे) में पूरा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समय की बचत पर जोर देते हुए कहा, "15 घंटे और कहां तीन घंटे... यह सौभाग्य की बात है" [24:06]। उन्होंने बाबा महाकाल की कृपा और मां शारदा के आशीर्वाद से इस क्षण के आने की बात कही।
विंध्य क्षेत्र के लिए क्यों जरूरी थी एयर कनेक्टिविटी?
उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन में विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक और औद्योगिक संपदा का विस्तार से उल्लेख किया, जिसके बावजूद एयर कनेक्टिविटी की कमी एक बड़ा अवरोध थी।
औद्योगिक शक्ति: विंध्य में 40 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन होता है और 15,000 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट हैं। यहां एनसीएल और एनटीपीसी जैसे भारत सरकार के बड़े पीएसयू भी मौजूद हैं।
पर्यटन क्षमता: यह क्षेत्र तीन-तीन वाइल्ड और नेशनल पार्क (बांधवगढ़, संजय गांधी, पन्ना नेशनल पार्क) से घिरा हुआ है। साथ ही, महर में शारदा माई का धाम और चित्रकूट में भगवान राम की तपोभूमि जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल भी हैं।
पिछड़ापन दूर करना: एयर कनेक्टिविटी न होने के कारण लोग रीवा आने-जाने से पहले 10 बार सोचते थे, जिससे कई विकास के अवसर हाथ से निकल जाते थे।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी फिजिबिलिटी स्टडी में विंध्य क्षेत्र को सबसे ज्यादा पोटेंशियल वाला क्षेत्र माना था ।
राज्य वीजीएफ योजना (State VGF Scheme) ने किया सपना साकार
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रीवा की हवाई सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।
आरसीएस (UDAN) स्कीम: रीवा से भोपाल के लिए जो फ्लाइट चलती है, वह केंद्र सरकार की आरसीएस (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत सब्सिडी से चलती है।
स्टेट वीजीएफ स्कीम: लेकिन, आज शुरू हुई रीवा से दिल्ली की उड़ान और जल्द ही शुरू होने वाली रीवा से इंदौर (इंडिगो एयरलाइंस) की सेवा, राज्य सरकार की स्टेट वीजीएफ (Viability Gap Funding) योजना से मंजूर हुई है।
एविएशन पॉलिसी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान 14 आकर्षक पॉलिसीज लॉन्च की थीं, जिनमें मध्य प्रदेश की एक नई एविएशन पॉलिसी भी शामिल थी। इस पॉलिसी में 1000 किलोमीटर की यात्रा पर ₹7.5 लाख की सब्सिडी का प्रावधान है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि डॉ. मोहन यादव जी ने स्टेट वीजीएफ योजना बनाने का निर्देश नहीं दिया होता, तो अलायंस एयर और इंडिगो जैसी एयरलाइंस का यहां उड़ान भरना संभव नहीं हो पाता ।
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस नई कनेक्टिविटी का सीधा लाभ विंध्य क्षेत्र के युवाओं और अर्थव्यवस्था को मिलेगा। श्री राजेंद्र शुक्ल ने दुख व्यक्त किया कि पहले यहां के लोग छोटी-छोटी नौकरियों के लिए नागपुर या मुंबई जाने को मजबूर होते थे। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से किनारे पड़ा रीवा अब विकास की गति में सबको पीछे छोड़ेगा।
उद्योग और पर्यटन: अब तेजी के साथ उद्योग, पर्यटन और मेडिकल की सुविधाएं विकसित होंगी।
किसानों की समृद्धि: सिंचाई के लिए बाणसागर का पानी रीवा जिले में और नर्मदा मैया का पानी सतना जिले में आ रहा है। सिंचाई के नहरों का जाल बिछाकर "धरती से दौलत पैदा" करने की अटल जी की कल्पना को साकार किया जा रहा है। इसके लिए 6000 करोड़ रुपए की माइक्रो इरीगेशन योजनाओं पर काम शुरू हो गया है।
भविष्य की योजना: उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अब एयरबस (160 सीटर) जैसी बड़ी उड़ानों के लिए एयरपोर्ट के विस्तार पर काम करें, क्योंकि जानकारों का मानना है कि इंदौर के बाद सबसे ज्यादा हवाई सेवा रीवा से चलेंगी।
सिंगरौली एयरपोर्ट पर भी जल्द शुरू हो हवाई सेवा
इस अवसर पर सीधी के सांसद श्री राजेश मिश्रा जी ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मांग की कि रीवा का विकास हमेशा सीधी-सिंगरौली की तरफ बहता है। उन्होंने निवेदन किया कि अगले एक से तीन महीने के अंदर सिंगरौली एयरपोर्ट से भी हवाई सेवा शुरू कराई जाए।
इस ऐतिहासिक दिन पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के माध्यम से रीवा-नई दिल्ली विमान के टेक ऑफ के लिए हरी झंडी दिखाई. जिसके साथ ही विंध्य क्षेत्र ने विकास के एक नए युग में कदम रख दिया।
