​"Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ ने पकड़ी रफ़्तार, दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में गिरेगी बिजली और ओले

उत्तर भारत में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में 30-31 जनवरी को भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
 
Weather
उत्तर भारत में मौसम का तांडव: 30-31 जनवरी को भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी. ​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक दे चुका है, जिसका असर मैदानी इलाकों में 30 और 31 जनवरी को सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।
​1. पश्चिमी विक्षोभ क्या है और यह क्यों सक्रिय है?
​पश्चिमी विक्षोभ एक गैर-मानसूनी वर्षा प्रणाली है जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होती है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में सर्दियों की बारिश लाने के लिए जिम्मेदार है। इस बार, अरब सागर से आने वाली नमी ने इसे और अधिक "गंभीर" बना दिया है।
​2. इन 5 राज्यों में 'ऑरेंज अलर्ट' और ओलावृष्टि की संभावना
​मौसम विभाग ने मुख्य रूप से निम्नलिखित पांच राज्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा है:
​पंजाब: सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलों की संभावना।
​हरियाणा: चंडीगढ़ सहित पूरे राज्य में गरज-चमक के साथ बौछारें।
​राजस्थान: उत्तरी राजस्थान (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़) में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है।
​उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में रात के समय भारी बारिश की चेतावनी।
​दिल्ली-NCR: प्रदूषण से राहत मिलेगी, लेकिन जलजमाव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है।
​3. पहाड़ी राज्यों का हाल: बर्फबारी का दौर
​जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात (Snowfall) की संभावना है। इससे सैलानियों के लिए रास्ते बंद हो सकते हैं, लेकिन पर्यटन व्यवसाय के लिए यह एक सुखद संकेत है।
​4. खेती और किसानों पर प्रभाव
​यह बारिश गेहूं की फसल के लिए 'अमृत' समान हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि (Hailstorm) सरसों और मटर जैसी दलहन फसलों के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और सिंचाई को फिलहाल रोक दें।

Tags