Heavy Rainfall Alert: अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, कई राज्यों में बदल सकता है मौसम का मिजाज
देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है।
Sat, 8 Nov 2025
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के तटीय क्षेत्र, और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में तेज से मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के संकेत मिले हैं और राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में पारा तेजी से गिर सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का दौर तेज हो गया है।
तमिलनाडु और केरल के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने का अनुमान है।
चेन्नई, मदुरै, तिरुनेलवेली, कोट्टायम और कोझिकोड जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक के बीच बारिश हो सकती है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तटीय इलाकों में लहरें ऊंची उठने और समुद्र में उथल-पुथल की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम से बढ़ी बारिश की आशंका
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना लो-प्रेशर सिस्टम अगले 24 घंटों में डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके चलते तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और दक्षिण कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
हवाओं की गति कुछ स्थानों पर 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इन राज्यों में बिजली गिरने और जलभराव की स्थिति बनने का खतरा भी है।
उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, गिरेगा पारा
जहां दक्षिण भारत में बारिश का कहर जारी रहेगा, वहीं उत्तर और मध्य भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 3–4 दिनों में राजस्थान और एमपी के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 8–10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
हवा की दिशा में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के कारण रातें ठंडी और दिन में हल्की धूप वाली स्थिति बनी रहेगी।
IMD की सलाह: सावधानी बरतें, सतर्क रहें
मौसम विभाग ने राज्यों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने की सलाह दी है।
तटीय इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की कटाई और भंडारण को सुरक्षित स्थान पर रखें।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें।
आने वाले 48 घंटे देश के मौसम के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
जहां दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है, वहीं उत्तर भारत में सर्दी की दस्तक और तापमान में गिरावट लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर करेगी।
मौसम विभाग की मानें तो यह बदलाव मॉनसून के बाद की सक्रियता और पश्चिमी हवाओं के संयोजन का परिणाम है, जो नवंबर महीने में मौसम का संतुलन बदल सकता है।
