IMD Rain Alert: 24 से 28 जनवरी तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) ने 24, 25, 26, 27 और 28 जनवरी को उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। जानिए अपने शहर का हाल।
 
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IMD Rain Alert: 24 से 28 जनवरी तक देश के 10 राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का संकट

​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जनवरी के अंतिम सप्ताह के लिए एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने के कारण 24 जनवरी से लेकर 28 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम में विनाशकारी बदलाव आने की संभावना है। जहाँ एक तरफ पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

​1. उत्तर प्रदेश (UP Weather Update): 48 घंटों में बदलेगा मिजाज

​उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

​प्रभावित जिले: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, और शामली में 24 जनवरी की रात से ही बादल छाए रहेंगे। 25 और 26 जनवरी को लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

​ओलावृष्टि की आशंका: तराई के इलाकों और पश्चिमी यूपी में ओले गिरने की संभावना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।

​कोहरे का कहर: बारिश के बाद नमी बढ़ने से सुबह के समय घना कोहरा छाएगा, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है।

​2. दिल्ली-NCR: गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा मौसम?

​राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (गुरुग्राम, फरीदाबाद) में 26 जनवरी की परेड को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

​24-25 जनवरी: आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और ठंडी हवाएं चलेंगी।

​26 जनवरी (गणतंत्र दिवस): सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 60% संभावना है। इससे परेड देखने आने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।

​प्रदूषण में राहत: इस बारिश से दिल्ली के AQI में सुधार होने की उम्मीद है, क्योंकि धूल और धुएँ के कण जमीन पर बैठ जाएंगे।

​3. पंजाब और हरियाणा: खेती पर संकट

​ये दोनों राज्य इस पश्चिमी विक्षोभ के केंद्र में रहने वाले हैं।

​भारी बारिश का अलर्ट: अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, और अंबाला में 24 और 25 जनवरी को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

​किसानों के लिए एडवायजरी: कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस दौरान फसलों में सिंचाई न करें और कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें। ओलावृष्टि सरसों और गेहूं की अगेती फसल को नुकसान पहुँचा सकती है।

​4. पहाड़ों का हाल: बर्फबारी से बंद हो सकते हैं रास्ते

​हिमालयी क्षेत्रों में 'सफेद आफत' का अलर्ट है:

​जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: गुलमर्ग और सोनमर्ग में भारी हिमपात के कारण एवलांच (हिमस्खलन) की चेतावनी दी गई है।

​हिमाचल और उत्तराखंड: शिमला, मनाली, और बद्रीनाथ-केदारनाथ में भारी बर्फबारी के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

​5. वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) क्या है?

​यह एक गैर-मानसूनी वर्षा प्रणाली है जो भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उत्पन्न होती है। जब यह भारत के हिमालयी क्षेत्रों में प्रवेश करती है, तो नमी के कारण मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी होती है। जनवरी के महीने में इसकी सक्रियता कड़ाके की ठंड का मुख्य कारण बनती है।

​6. यात्रियों और आम जनता के लिए सुरक्षा टिप्स

​अगर आप इन 5 दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

​फ्लाइट और ट्रेन स्टेटस: बारिश और कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें 4-6 घंटे की देरी से चल सकती हैं। घर से निकलने से पहले स्टेटस चेक करें।

​ड्राइविंग: हाईवे पर लो-बीम लाइट का उपयोग करें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें क्योंकि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।

​स्वास्थ्य: अचानक बढ़ती ठंड से बुजुर्गों और बच्चों में श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।

​7. निष्कर्ष: फरवरी की शुरुआत भी होगी ठंडी

​IMD के अनुसार, 28 जनवरी के बाद आसमान साफ होना शुरू होगा, लेकिन इसके बाद चलने वाली पछुआ हवाएं 'शीतलहर' (Cold Wave) को और तेज करेंगी। यानी जनवरी के अंत तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

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