लाखों पेंशनर्स की रुकी राशि, आधार ई-केवाईसी न होने से भुगतान होल्ड
MP News: समग्र पोर्टल पर सत्यापन की धीमी रफ्तार, आयुक्त सामाजिक न्याय ने 30 नवंबर तक की डेडलाइन तय.
Fri, 14 Nov 2025
MP News update: मध्य प्रदेश के लाखों सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। शासन ने समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं हो पाने के कारण प्रदेशभर के 2 लाख 93 हजार 730 हितग्राहियों की पेंशन राशि का भुगतान रोक दिया है। यह फैसला इन हितग्राहियों की पात्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया था, लेकिन समय पर सत्यापन कार्य पूरा न होने से लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को उनकी मासिक पेंशन से वंचित होना पड़ा है, जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर गंभीर असर पड़ा है।
मुख्य वजह: ई-केवाईसी की अनिवार्यता
राज्य शासन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता और सही हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाने के लिए समग्र आईडी को आधार से लिंक कर ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया था। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी या अपात्र हितग्राहियों को बाहर करना और पात्र लोगों को ही लाभ सुनिश्चित करना है।
हालांकि, बड़ी संख्या में हितग्राहियों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बुजुर्गों के लिए, समय पर ई-केवाईसी कराना एक चुनौती बन गया। बार-बार चेतावनी और डेडलाइन दिए जाने के बावजूद, लगभग 3 लाख पेंशनधारकों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। नतीजतन, शासन के निर्देशों के अनुसार, सामाजिक न्याय विभाग ने इन सभी लंबित प्रकरणों की पेंशन राशि को अस्थायी रूप से 'होल्ड' कर दिया।
सत्यापन में देरी पर आयुक्त की आपत्ति
पेंशन रोके जाने के बाद, सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए थे कि वे इन होल्ड प्रकरणों का तत्काल घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करें। इसके तहत, विभाग के कर्मचारियों को उन पेंशनर्स के घर जाना था जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उनका भौतिक सत्यापन करना था, और यदि वे पात्र पाए जाते हैं तो उनकी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी थी।
लेकिन, फील्ड स्तर पर सत्यापन कार्य की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसके कारण डेडलाइन बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित रह गए। आयुक्त सामाजिक न्याय ने इस धीमी गति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन में अनावश्यक देरी से पात्र हितग्राही वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।
नई अंतिम तिथि: 30 नवंबर
मामले की गंभीरता को देखते हुए, आयुक्त सामाजिक न्याय ने सभी जिलों को इस सत्यापन कार्य को पूरा करने के लिए एक नई और सख्त डेडलाइन जारी की है। अब सभी होल्ड प्रकरणों का सत्यापन 30 नवंबर तक पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरी हो जाए। यह भी कहा गया है कि यदि सत्यापन के बाद हितग्राही पात्र पाया जाता है, तो उसे रोकी गई पेंशन राशि का एरियर (बकाया भुगतान) भी प्रदान किया जाएगा।
भविष्य की कार्रवाई और समाधान
सरकार अब इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दे रही है। डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के लिए कर्मचारियों को सक्रिय करने के अलावा, यह प्रयास भी किया जा रहा है कि स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों, और बैंक/पोस्ट ऑफिस प्रतिनिधियों (बैंक सखी) की मदद से दूरस्थ क्षेत्रों के पेंशनधारकों की ई-केवाईसी और भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए।
यह कदम उन सभी पात्र हितग्राहियों के लिए एक बड़ी राहत लाएगा जिनकी पेंशन राशि ई-केवाईसी के कारण रुकी हुई है, और यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ सही और ज़रूरतमंद लोगों को बिना किसी विलंब के मिलता रहे।
