MP Weather Alert: एमपी में फिर लौटेगा 'मावठा', अगले 3 दिन इन 20 जिलों में गिरेंगे ओले!

मध्य प्रदेश मौसम अपडेट 31 जनवरी 2026: IMD ने अगले 72 घंटों के लिए 20 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। जानिए अपने शहर का हाल।
 
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मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 3 दिनों तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की है।

​पश्चिमी विक्षोभ का असर: क्यों बिगड़ा मौसम?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अफगानिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से नमी आ रही है, जो मध्य प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का कारण बनेगी। इस सिस्टम के कारण दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

​इन 20 जिलों में अलर्ट जारी

​IMD भोपाल केंद्र के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग समेत प्रदेश के कई जिलों में 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले जिलों में शामिल हैं:

​ग्वालियर-चंबल संभाग: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और श्योपुरकलां।

​बुंदेलखंड और मध्य क्षेत्र: सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, विदिशा और राजगढ़।

​मालवा-निमाड़: नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा।

​अन्य क्षेत्र: रीवा, सतना और सिंगरौली में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।

​अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान (72 घंटे का अलर्ट)

​31 जनवरी: उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाना शुरू होंगे, शाम तक हल्की बारिश की संभावना।

​01 फरवरी: बारिश का दायरा बढ़ेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

​02 फरवरी: भोपाल, इंदौर और जबलपुर संभाग में भी बादलों की आवाजाही रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

​कोहरे और ठंड का कहर जारी

​बारिश के साथ-साथ प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की भी चेतावनी है। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि और बारिश को देखते हुए अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

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