भोपाल में SIR कार्य में बड़ी लापरवाही: कलेक्टर ने BLO और सुपरवाइजर को किया निलंबित
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितता; BLO ने एक भी गणना पत्रक नहीं किया डिजिटाइज, सुपरवाइजर लक्ष्य पूरा कराने में विफल रहे।
Mon, 17 Nov 2025
कलेक्टर ने देर रात दोनों को निलंबित किया।
BLO ने एक भी पत्रक डिजिटाइज नहीं किया।
सुपरवाइजर लक्ष्य अनुसार कार्य कराने में विफल रहा।
भोपाल जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई की है। रविवार देर रात की गई समीक्षा बैठक के दौरान अनियमितता सामने आने पर एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और एक सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कार्रवाई का कारण:
जिले के 2029 बीएलओ को मतदाताओं को गणना पत्रक देने, उन्हें भरवाने और फिर उन्हें डिजिटाइज्ड करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। इस कार्य की समीक्षा के दौरान यह खुलासा हुआ कि:
अनंतलाल मिश्रा, बीएलओ (उत्तर विधानसभा क्षेत्र): इन्हें लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद इन्होंने एक भी गणना पत्रक को डिजिटाइज नहीं किया था। कलेक्टर ने इसे कार्य के प्रति घोर लापरवाही माना।
शुभम प्रताप सिंह, सुपरवाइजर (गोविंदपुरा क्षेत्र): ये अपने क्षेत्र के बीएलओ से लक्ष्य के अनुसार कार्य पूरा कराने में पूरी तरह विफल रहे। सुपरवाइजर की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने अधीन कार्यरत बीएलओ से समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा करवाएं।
कलेक्टर ने दोनों अधिकारियों के कार्य में शून्य प्रगति और निर्देशों की अनदेखी को देखते हुए देर रात ही उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
SIR कार्य का महत्व:
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन (error-free and up-to-date) बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान है। इसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, पुराने नाम हटाना, और मौजूदा प्रविष्टियों को सुधारना शामिल है। गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन इस प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसके माध्यम से डाटा को ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। कार्य में लापरवाही का सीधा असर मतदाता सूची की सटीकता पर पड़ सकता है।
कलेक्टर ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपने कार्य को गंभीरता और समय-सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह निलंबन जिले के अन्य बीएलओ और सुपरवाइजरों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे अपने सौंपे गए दायित्वों को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ निभाएं, अन्यथा उन्हें भी इसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन की इस सख्ती से पुनरीक्षण कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
