MP Dhan Registration 2026: धान पंजीयन की तारीख बढ़ी, 4 नवंबर तक मौका

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत! खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में MSP पर धान पंजीयन की तारीख 4 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई। जानें e-KYC और जरूरी दस्तावेज।
 
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MP Dhan Registration 2026: मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत, धान पंजीयन की तारीख बढ़ी, अब 4 नवंबर तक मिलेगा मौका

मध्य प्रदेश धान खरीदी 2026-27: MSP पर धान बेचने से छूटे किसानों को सरकार ने दी राहत, आधार e-KYC अनिवार्य, किसान जल्द पूरे करें जरूरी दस्तावेज

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराने से वंचित रह गए किसानों को एक और मौका दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, धान उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर 2026 तक किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में अपना पंजीयन नहीं करा पाए थे।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों किसानों को फायदा मिल सकता है। खासतौर पर ऐसे किसान, जिनके दस्तावेजों में कमी, तकनीकी समस्या या अन्य कारणों से धान पंजीयन की प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, उन्हें अब अपना पंजीयन पूरा कराने का अवसर मिलेगा।

4 नवंबर तक करा सकेंगे धान का पंजीयन

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां जारी हैं। इसी बीच पंजीयन से छूटे किसानों को राहत देने के लिए पंजीयन की समय सीमा बढ़ाने की जानकारी सामने आई है।

जो किसान पहले निर्धारित तारीख तक अपना धान पंजीयन नहीं करा सके थे, वे अब 4 नवंबर 2026 तक पंजीयन कराने की तैयारी कर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर लें।

इससे किसानों को आगामी धान खरीदी प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, किसानों को पंजीयन की अंतिम तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि अपने नजदीकी पंजीयन केंद्र या संबंधित कृषि एवं खाद्य विभाग के कार्यालय से जरूर कर लेनी चाहिए।

आधार आधारित e-KYC होगी अनिवार्य

धान पंजीयन की प्रक्रिया में इस बार आधार आधारित e-KYC को अनिवार्य रखा गया है। इसका उद्देश्य किसानों की पहचान का सत्यापन करना और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

किसानों को पंजीयन कराते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार विवरण सही हो और आवश्यक सत्यापन पूरा हो जाए। यदि आधार से संबंधित जानकारी में कोई गलती है या e-KYC पूरी नहीं हुई है, तो समय रहते इसे ठीक करा लेना चाहिए।

इसके अलावा किसानों को अपनी जमीन और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी सही रखनी होगी, ताकि भविष्य में धान खरीदी और भुगतान के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दिव्यांग किसानों को देना होगा प्रमाण पत्र

धान पंजीयन के दौरान दिव्यांग किसानों के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे किसानों को पंजीयन प्रक्रिया के समय अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

प्रमाण पत्र के माध्यम से संबंधित किसान की दिव्यांगता का सत्यापन किया जा सकेगा। इसलिए दिव्यांग किसान पहले से ही अपना प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, जिससे पंजीयन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

किसान अभी से तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज

धान पंजीयन कराने वाले किसानों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने पास तैयार रखने चाहिए।

1. आधार कार्ड।

2. आधार आधारित e-KYC का सत्यापन।

3. किसान की जमीन से संबंधित दस्तावेज।

4. बैंक खाते की जानकारी और पासबुक।

5. मोबाइल नंबर।

6. दिव्यांग किसानों के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र।

7. पहले से हुए पंजीयन से संबंधित जानकारी, यदि उपलब्ध हो।

दस्तावेजों में किसी प्रकार की गलती होने पर किसान संबंधित कार्यालय से संपर्क करके सुधार करा सकते हैं।

अंतिम तारीख से पहले पूरा करें पंजीयन

प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे धान पंजीयन के लिए मिली अतिरिक्त समय सीमा का लाभ उठाएं। अंतिम तारीख के नजदीक पंजीयन केंद्रों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 4 नवंबर से पहले ही अपना पंजीयन पूरा करा लें।

खास बात यह है कि पंजीयन नहीं होने की स्थिति में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसान इस अवसर को गंभीरता से लें और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर प्रक्रिया पूरी करें।

किसानों के लिए कितनी फायदेमंद होगी यह राहत?

मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। ऐसे में पंजीयन की तारीख बढ़ने से उन किसानों को विशेष लाभ मिल सकता है, जो तकनीकी समस्या, जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से पहले पंजीयन नहीं करा पाए थे।

सरकार की इस पहल से किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिल सकता है। अब किसानों की नजर धान खरीदी की आगामी प्रक्रिया पर रहेगी।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: धान पंजीयन की अंतिम तारीख 4 नवंबर 2026 बताई गई है। इसलिए किसान अपने आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें तथा आधिकारिक निर्देशों के अनुसार जल्द से जल्द पंजीयन कराएं।

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