मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अब जानलेवा होने लगा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और 'लू' (Heatwave) का कहर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक सूरज के तेवर और भी कड़े होने वाले हैं। विशेष रूप से भोपाल, ग्वालियर, और चंबल संभाग में तापमान 45°C के पार जाने की संभावना है।
1. भीषण गर्मी का अलर्ट: कहां-कहां चलेगी लू?
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है।
ग्वालियर-चंबल संभाग: यहां पारा सबसे अधिक रहने की उम्मीद है। ग्वालियर में लू का प्रभाव सबसे तीव्र रहेगा।
भोपाल और मालवा: राजधानी भोपाल में दिन का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री ऊपर रहने की आशंका है। इंदौर में भी उमस भरी गर्मी के साथ लू का असर दिखेगा।
बुंदेलखंड और बघेलखंड: छतरपुर, खजुराहो और नौगांव जैसे इलाके पहले से ही तप रहे हैं, यहां रातें भी अब गर्म होने लगी हैं।
2. प्रमुख शहरों का संभावित तापमान
शहर संभावित अधिकतम तापमान चेतावनी स्तर
ग्वालियर 46°C - 47°C रेड अलर्ट (भीषण लू)
भोपाल 43°C - 45°C ऑरेंज अलर्ट
इंदौर 41°C - 43°C येलो अलर्ट
जबलपुर 42°C - 44°C गर्म हवाएं
रीवा/खजुराहो 45°C+ भीषण गर्मी
3. क्यों तप रहा है मध्य प्रदेश?
इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य रूप से दो कारण माने जा रहे हैं:
एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन: अरब सागर से आने वाली नमी कम हो गई है, जिससे शुष्क हवाएं हावी हैं।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का अभाव: उत्तर भारत में किसी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के न होने के कारण मैदानी इलाकों में हवा की गति धीमी है, जिससे गर्मी का संचय (Heat Accumulation) हो रहा है।
4. स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी: लू से कैसे बचें?
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS), लस्सी, और नींबू पानी का सेवन करें।
पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को तौलिए या टोपी से ढकें।
खान-पान: बासी भोजन से बचें और तरबूज, खरबूजा जैसे मौसमी फलों का सेवन करें।
5. खेती और बिजली की मांग पर असर
गर्मी के चलते प्रदेश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, सब्जियों की खेती पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। पानी की कमी और तेज धूप के कारण फसलें सूख रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम बढ़ने की भी आशंका है।