मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से बने मजबूत मौसम सिस्टम के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। IMD के अनुसार 17 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं।
सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
विशेषकर नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन 11 जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट
सीधी, मऊगंज और डिंडौरी के अलावा सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभागों में मौसम की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रहने का अनुमान है। इसके बाद बारिश का सिस्टम धीरे-धीरे प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी बारिश के आसार
मध्य प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और दतिया सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल और ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ इलाकों में 17 से 19 अगस्त के बीच तेज बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
18 और 19 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में बारिश का असर केवल 17 अगस्त तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को भी भारी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं 20 और 21 अगस्त को भी कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे साफ है कि आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रह सकता है।
इस बार प्रदेश में बारिश की स्थिति कैसी है?
मध्य प्रदेश में चालू मानसून सीजन में अब तक करीब 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 618.8 मिमी यानी 24.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा बताई गई है। रीवा, जबलपुर, सागर और शहडोल संभागों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। ऐसे में नया मानसूनी सिस्टम बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मदद कर सकता है।
तेज बारिश में बरतें सावधानी
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। वाहन चालकों को भी भारी बारिश के दौरान कम दृश्यता और सड़क पर पानी भरने की स्थिति में सावधानी से वाहन चलाना चाहिए।