MP Rani Roopmati Fort: देश में प्रेम की निशानी के तौर पर सिर्फ आगरा का ताजमहल ही नहीं है, बल्कि भारत के हृदय कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के मांडू में भी एक ऐसी ऐतिहासिक इमारत मौजूद है, जो अमर प्रेम का प्रतीक है। यह है रानी रूपमती का किला (रानी रूपमती मंडप)।
निर्माण: इस किले का निर्माण मालवा के शासक राजा बाजबहादुर ने अपनी प्रेमिका, रानी रूपमती के लिए 3500 फीट ऊंची पहाड़ी पर करवाया था।
स्थापत्य कला: महल की वास्तुकला में मुगल और मालवा शैलियों का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिलता है।
रानी की इच्छा: कहा जाता है कि रानी रूपमती नर्मदा नदी के दर्शन किए बिना अन्न ग्रहण नहीं करती थीं। नर्मदा नदी महल से काफी दूर थी, इसलिए राजा ने उनकी खातिर इतनी ऊंचाई पर इस भव्य महल का निर्माण करवाया।
नर्मदा दर्शन: महल के झरोखे से रानी रूपमती नर्मदा नदी के दर्शन किया करती थीं।
अमर प्रेम का साक्षी: यह किला आज भी राजा बाजबहादुर और रानी रूपमती की अनूठी और अमर प्रेम कहानी का साक्षी है, जिसके कारण इसे मध्य प्रदेश का 'ताजमहल' भी कहा जाता है।