भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) कल यानी 28 जनवरी को अपने सबसे प्रतीक्षित 'Aadhaar Full Version App' को पेश करने जा रहा है। लंबे समय से चल रहे ट्रायल और बीटा टेस्टिंग के बाद, यह नया अपडेट करोड़ों भारतीयों के लिए आधार से जुड़ी सेवाओं को उनके स्मार्टफोन पर सिमटा देगा। अब आपको आधार केंद्र के चक्कर काटने या साइबर कैफे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
1. नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत: सेल्फ-सर्विस का विस्तार
पुराने m-Aadhaar ऐप में कई तकनीकी खामियां और सीमित विकल्प थे, लेकिन नया 'फुल वर्जन' पूरी तरह से यूजर-सेंट्रिक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 'एंड-टू-एंड इंक्रिप्शन' के साथ सेल्फ-अपडेट की सुविधा दी गई है।
प्रमुख अपडेट्स एक नजर में:
मोबाइल नंबर बदलना: अब तक मोबाइल नंबर बदलने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हेतु आधार केंद्र जाना अनिवार्य था। नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन (Face Auth) के जरिए इसे आसान बनाने का दावा किया जा रहा है।
पता सुधार (Address Change): यदि आपके पास वैध दस्तावेज हैं, तो आप ऐप के माध्यम से ही अपने पते को अपडेट कर पाएंगे।
वर्चुअल आईडी (VID) जनरेशन: सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, ऐप में तुरंत VID बनाने की सुविधा दी गई है ताकि आपको अपना मूल आधार नंबर साझा न करना पड़े।
2. तकनीकी सुधार: स्मूथ यूजर इंटरफेस (UI)
UIDAI ने इस बार ऐप के यूजर इंटरफेस पर विशेष ध्यान दिया है। यह ऐप अब पहले से कहीं अधिक तेज है और लो-एंड स्मार्टफोन्स पर भी आसानी से काम करेगा।
मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।
ऑफलाइन मोड: आप बिना इंटरनेट के भी अपना ई-आधार (e-Aadhaar) दिखा सकेंगे, जो यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ के रूप में मान्य होगा।
3. सुरक्षा के कड़े इंतजाम: बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक
आधार डेटा की सुरक्षा को लेकर अक्सर चिंताएं रहती हैं। नए ऐप में 'वन-टैप बायोमेट्रिक लॉक' फीचर दिया गया है। इससे आप अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को लॉक कर सकते हैं, जिससे आपकी अनुमति के बिना कोई भी आपके आधार का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। जब आपको बैंक या अन्य काम के लिए इसकी जरूरत हो, तो आप इसे तुरंत अनलॉक भी कर सकते हैं।
4. डिजिटल लॉकर और अन्य सरकारी सेवाओं का एकीकरण
यह केवल एक पहचान पत्र दिखाने वाला ऐप नहीं है। इसमें DigiLocker का सीधा इंटीग्रेशन दिया गया है। इसका मतलब है कि आप अपने पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और मार्कशीट जैसे दस्तावेजों को भी इसी ऐप के इकोसिस्टम में एक्सेस कर पाएंगे।
5. आम आदमी को कैसे होगा फायदा?
अब तक आधार में छोटी सी गलती सुधारने के लिए लोगों को अपनी दिहाड़ी छोड़कर आधार केंद्रों की लंबी लाइनों में लगना पड़ता था। 28 जनवरी से शुरू होने वाली यह सेवा:
समय की बचत करेगी।
बिचौलियों और भ्रष्टाचार को खत्म करेगी।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर बैठे सेवा सुनिश्चित करेगी।