मध्य प्रदेश में नई रेल लाइन को मंजूरी: नागदा बायपास से बचेगा यात्रा का समय

Nagda Bypass Rail Line: रेलवे मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के नागदा जंक्शन पर एक महत्वपूर्ण बायपास रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
 
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Nagda Bypass Rail Line: इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹390.36 करोड़ है, और यह दिल्ली-मथुरा-कोटा रूट से उज्जैन और इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए यात्रा के समय को काफी कम कर देगी।
​परियोजना का विवरण और उद्देश्य
​यह नई रेल लाइन 13.70 किलोमीटर लंबी होगी और रोहल खुर्द (Rohal Khurd) और भाटीसूडा (Bhatisuda) स्टेशनों को जोड़ेगी।
​प्रमुख लाभ: वर्तमान में, दिल्ली-मथुरा-कोटा दिशा से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों को नागदा जंक्शन पर इंजन बदलने (रिवर्सल) के लिए रुकना पड़ता है, जिससे 30 मिनट से लेकर 120 मिनट (2 घंटे) तक का अतिरिक्त समय लगता है। यह बायपास लाइन इस प्रक्रिया को समाप्त कर देगी, जिससे ट्रेनों का आवागमन निर्बाध हो जाएगा।
​यात्रा समय में कमी: नागदा जंक्शन पर इंजन रिवर्सल की आवश्यकता समाप्त होने से यात्रियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी।
​रणनीतिक महत्व: नागदा जंक्शन दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। इस बायपास के बनने से इस व्यस्त मार्ग पर यातायात की दक्षता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा।
​सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारी
​यह परियोजना उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के महत्व को ध्यान में रखते हुए भी स्वीकृत की गई है।
​यात्री सुविधा: सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। नागदा जंक्शन तीर्थयात्रियों के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा। बायपास लाइन के कारण रेल यातायात सुचारू होने से तीर्थयात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
​परियोजना की समय-सीमा: कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना को लगभग 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यह सिंहस्थ से पहले पूरी हो सके।
​निर्माण और लागत
​इस रेल लाइन के निर्माण पर अनुमानित ₹390.36 करोड़ की लागत आएगी। इसमें सिविल कार्य, सिग्नलिंग एंड टेलीकॉम (S&T) और इलेक्ट्रिकल से संबंधित कार्य शामिल हैं। यह रेल लाइन मध्य प्रदेश के रतलाम रेलवे मंडल के अंतर्गत आएगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही 'पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान' के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है।

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