एंट्री करने जा रहा नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’, 3 दिसंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड
MP Weather news : पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में तेज़ी से गिरेगा पारा; IMD ने जारी किया अलर्ट.
Mon, 1 Dec 2025
MP Weather Update News: उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी राज्यों में 3 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। नवंबर में अपेक्षित बर्फबारी न होने के कारण सर्दी का असर कम था, लेकिन दिसंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम तेजी से पलटेगा।
तापमान में भारी गिरावट और हवा का रुख बदलना
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब खत्म हो रहा है, जिसके बाद मैदानी इलाकों में ठंडी और शुष्क उत्तरी/उत्तर-पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ेंगी। ये हवाएं सीधे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की बर्फीली ठंडक लेकर आएंगी, जिससे रात के न्यूनतम तापमान में तेज गति से गिरावट दर्ज की जाएगी।
तापमान में गिरावट: अगले 3 से 4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
शीतलहर का अलर्ट: राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जिलों के लिए 3 दिसंबर के आसपास कोल्ड-वेव (शीतलहर) का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कोहरा: कई राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कुछ हिस्सों में सुबह के समय छिछला से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित होगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना
दिसंबर के पहले सप्ताह में, एक और पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल जाएगा।
उत्तराखंड, हिमाचल, और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में 4 से 5 दिसंबर से हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
यह नई बर्फबारी ही मैदानी राज्यों, जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और राजस्थान में ठंडी उत्तरी-पश्चिमी हवाओं को और मजबूत करेगी, जिससे सर्द मौसम और गहरा जाएगा।
बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी हवा का पैटर्न और बादल छाने की स्थिति देखने को मिल सकती है, जिससे ठंडक बढ़ेगी।
आम जनजीवन पर संभावित असर
ठिठुरन बढ़ेगी: रात और सुबह के समय ठिठुरन में भारी वृद्धि होगी। लोगों को अब गर्म कपड़ों का सहारा लेना होगा।
यातायात पर प्रभाव: घने कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
फसलों पर असर: हालांकि, दिन के समय तापमान में हल्की वृद्धि गेहूं जैसी रबी की फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन हवा की नमी बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में फसलों में रोग की संभावना बढ़ सकती है।
संक्षेप में, दिसंबर महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मौसम कड़ा रुख अख्तियार करने जा रहा है। लोगों को आने वाले दिनों में सर्दी के तीव्र प्रकोप के लिए तैयार रहना चाहिए।
