मध्य प्रदेश में NTPC का ₹6000 करोड़ का बड़ा पावर प्लान: गाडरवारा में 660 मेगावॉट की नई यूनिट की तैयारी अंतिम चरण में!
उर्जा हब बनेगा नरसिंहपुर: CM की प्रगति रिपोर्ट में महत्वपूर्ण खुलासा.
Thu, 4 Dec 2025
देश की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC) मध्य प्रदेश में अपनी विस्तार योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रगति रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि एनटीपीसी नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक और 660 मेगावॉट (MW) की नई यूनिट स्थापित करने जा रही है, जिस पर लगभग 6000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना न केवल राज्य की बढ़ती बिजली की ज़रूरतों को पूरा करेगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी गति देगी।
प्रमुख बिंदु: क्या है नई परियोजना का खाका?
एनटीपीसी के अधिकारियों के अनुसार, गाडरवारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (GSTPS) में इस 660 मेगावॉट की नई यूनिट की स्थापना की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
निवेश और क्षमता: इस विस्तार परियोजना की अनुमानित लागत 6000 करोड़ रुपये है, जो गाडरवारा स्टेशन की मौजूदा क्षमता को और बढ़ाएगी।
भूमिपूजन की तैयारी: अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नई यूनिट का भूमिपूजन जल्द ही किया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर एक बड़ी औद्योगिक हलचल शुरू होने की उम्मीद है, जिससे रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।
स्थान का महत्व: गाडरवारा को पहले से ही एक महत्वपूर्ण एनर्जी हब के रूप में जाना जाता है। इस यूनिट के शुरू होने से मध्य प्रदेश की विद्युत उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तेज़ी से बढ़ता NTPC का MP में निवेश
एनटीपीसी ने पिछले एक दशक में मध्य प्रदेश में अपनी उपस्थिति और निवेश में तेज़ी से वृद्धि की है। यह राज्य को देश के ऊर्जा मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने में सहायक रहा है।
विभिन्न परियोजनाएँ: गाडरवारा के अलावा, एनटीपीसी ने राज्य के खण्डवा, सीहोर और सिंगरौली जैसे क्षेत्रों में भी अपनी परियोजनाओं का विस्तार किया है।
नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर: कंपनी केवल कोयला आधारित बिजली पर ही नहीं, बल्कि न्यूक्लियर और सोलर एनर्जी जैसे नवीकरणीय स्रोतों पर भी लगातार काम कर रही है। रीवा सोलर प्लांट का मॉडल इसकी एक बड़ी मिसाल है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और अन्य राज्यों में भी लागू किया जा रहा है।
आधुनिकीकरण: NTPC अपनी मौजूदा कोयला आधारित यूनिट्स के आधुनिकीकरण पर भी बड़ा फंड लगा रही है, ताकि उनकी दक्षता बढ़ाई जा सके और पर्यावरणीय प्रभाव कम हो।
CM की प्रगति रिपोर्ट: विकास को गति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रगति रिपोर्ट में इस परियोजना को शामिल करना दर्शाता है कि राज्य सरकार इसे प्राथमिकता दे रही है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने परियोजना से संबंधित सभी नियामकीय स्वीकृतियों और आवश्यक बुनियादी ढाँचे के विकास में तेज़ी लाने का आश्वासन दिया है। यह कदम 'आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ऊर्जा क्षेत्र में इस तरह के बड़े निवेश से न केवल घरेलू बिजली की आपूर्ति सुधरेगी, बल्कि उद्योगों को भी निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे राज्य में निवेश का माहौल और बेहतर होगा।
