मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी: 17 जिलों में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट, टूटा 25 साल का रिकॉर्ड
MP Weather News: उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 17 जिलों के लिए कोल्ड वेव (शीतलहर) और कुछ स्थानों पर 'तीव्र शीतलहर' का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल और व्यापारिक नगरी इंदौर समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है, जिसके कारण इन शहरों ने पिछले 25 वर्षों के न्यूनतम तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इन 17 जिलों पर कोल्ड वेव का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, राज्य के कई जिलों में शीतलहर और तीव्र शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी।
- तीव्र शीतलहर (Severe Cold Wave) का अलर्ट: भोपाल, इंदौर और राजगढ़ जिलों में तीव्र शीतलहर चलने की आशंका है। इन जिलों में तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक नीचे दर्ज हो सकता है।
- शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट: सीहोर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल, देवास, शाजापुर, रीवा, शहडोल, छिंदवाड़ा, मंडला, मैहर और मऊगंज समेत अन्य जिलों में भी शीतलहर का असर रहेगा। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे जा सकता है।
- कोल्ड डे (शीतल दिन) की स्थिति: बालाघाट जैसे कुछ जिलों में दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिसे 'शीतल दिन' की स्थिति कहा जाता है।
तापमान की स्थिति:
वर्तमान में, मध्य प्रदेश के कई बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीते 24 घंटों में शहडोल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि इंदौर में 7.9°C और भोपाल में 8.8°C न्यूनतम तापमान रहा। यह स्थिति नवंबर महीने के लिए असामान्य है और इससे प्रदेश में शिमला और मसूरी जैसे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम बदलने का कारण और आने वाले दिन
पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाएं: उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली और शुष्क हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी के बाद इन हवाओं का असर सीधे राज्य में देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सामान्य से थोड़ा पहले सक्रिय हो गए हैं, जिसने कड़ाके की ठंड को भी समय से पहले ला दिया है।
जनजीवन पर असर:
अचानक बढ़ी ठंड से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने लोगों को, विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को, सुबह और देर रात के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहने का अनुमान है।
बचाव के लिए ज़रूरी सलाह
- गर्म कपड़े: ठंड से बचने के लिए गर्म और ऊनी कपड़े पहनें।
- हाइड्रेशन: शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: ठंड से संबंधित बीमारियों (जैसे सर्दी, खांसी) से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
