MP के सिंगरौली में कबाड़ माफिया का तांडव: नाले में अधमरा मिला CISF जवान, वाराणसी रेफर
ऊर्जाधानी सिंगरौली में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए कबाड़ माफिया और केबल चोरों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। जिले के अमलोरी खदान क्षेत्र (NCL Amlori Mine) में सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक प्रधान आरक्षक पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने जवान को बेरहमी से पीटने के बाद उसे एक गहरे नाले में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
घटना का विवरण: ड्यूटी के दौरान हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 18-19 जनवरी की मध्य रात्रि करीब 2 बजे की है। सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक सतीश चंद्र भारती अमलोरी खदान के 'व्यू-पॉइंट' पोस्ट पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात केबल चोर और कबाड़ माफिया के गुर्गे खदान परिसर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।
जब सतीश चंद्र भारती ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या आधा दर्जन से अधिक थी। बदमाशों ने जवान को इतनी बेरहमी से पीटा कि उनके शरीर का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा। जवान को बेदम करने के बाद, साक्ष्य छिपाने और उन्हें मरने के लिए छोड़ने की नीयत से बदमाशों ने उन्हें पास के ही एक नाले में फेंक दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
घटना का खुलासा तब हुआ जब निरीक्षण के लिए निकले सीआईएसएफ के निरीक्षक विकास कुमार अपनी रूटीन चेकिंग के दौरान व्यू-पॉइंट पोस्ट पर पहुँचे। वहां जवान के न मिलने पर तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद सतीश चंद्र भारती पास के नाले में मरणासन्न अवस्था में पड़े मिले। उनके हाथ-पैर झोले के पट्टे से बंधे हुए थे।
हालत नाजुक: वाराणसी रेफर
घायल जवान को तत्काल सिंगरौली के नेहरू चिकित्सालय (NCL Hospital) ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। सूत्रों के अनुसार, जवान के सिर और पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
कबाड़ माफिया का बढ़ता खौफ
सिंगरौली में कबाड़ माफिया और केबल चोरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। खदानों से कीमती केबल और कबाड़ की चोरी एक संगठित अपराध बन चुका है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद ये माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि अब वे सुरक्षा बलों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिले में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस की कार्रवाई और इनाम की घोषणा
घटना के बाद सिंगरौली पुलिस हरकत में आई है। शहर सीएसपी (CSP) पी.एस. सिंह परस्ते ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने फरार आरोपियों की सूचना देने वाले के लिए 10,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। पुलिस संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है और पुराने केबल चोरों से पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह हमला केवल एक जवान पर हमला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की पूरी सुरक्षा प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है। यदि खदान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अर्धसैनिक बल के जवान ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे पुलिस प्रशासन से माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
