उत्तरी भारत की बर्फबारी से ठिठुरा मध्य प्रदेश: भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 5.2 डिग्री!

MP Weather News : इतिहास की सबसे सर्द नवंबर की रात: भोपाल में पारा 5.2°C
 
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MP Weather Reportराजधानी भोपाल में ठंड ने नवंबर महीने का 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, खासकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को भोपाल का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो नवंबर के महीने में अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले, 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। केवल एक रात में तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
​2. शीतलहर की चपेट में पूरा प्रदेश: 20 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट
​उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं (उत्तर-पश्चिमी हवाएँ) के सीधे प्रवेश के कारण मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों के लिए कोल्ड वेव (शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, भोपाल, शिवपुरी, रीवा और सतना जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
​न्यूनतम तापमान में गिरावट: भोपाल के अलावा, राजगढ़ में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस और इंदौर में 7.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
​प्रभावित जनजीवन: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कम हो गई है, जिससे यातायात (Traffic) पर असर पड़ा है। कई जिलों के कलेक्टरों ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूलों का समय बदल दिया है।
​दिसंबर-जनवरी जैसी गलन: नवंबर महीने में ही दिसंबर और जनवरी जैसी गलन और ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम सूखा है और तापमान सामान्य से काफी कम है।
​3. ठंड बढ़ने का प्रमुख कारण: हिमालयी क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस
​मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अचानक तापमान में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण उत्तरी भारत के राज्यों में हुई बर्फबारी है। हिमालयी क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण भारी बर्फ गिर रही है। वहां से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाएँ मध्य प्रदेश तक पहुँच रही हैं, जिसके चलते न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमानों में कमी दर्ज की गई है।
​4. आगे कैसा रहेगा मौसम?
​मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। हालांकि, तापमान में थोड़ी वृद्धि की संभावना भी है, लेकिन ठंड का असर अभी बना रहेगा।
​यह वीडियो मध्य प्रदेश के मौसम और कड़ाके की ठंड के बारे में जानकारी दे रहा है।

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