​MP के बिल्डरों में हड़कंप! अवैध कॉलोनी बनाई तो ₹1 करोड़ जुर्माना और 10 साल की जेल

मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर मोहन सरकार का शिकंजा। नए एकीकृत अधिनियम 2026 के तहत 10 साल की जेल और 1 करोड़ का जुर्माना। जानें नए नियम और सिंगल लाइसेंस प्रक्रिया।
 
मध्य प्रदेश अवैध कॉलोनी नए नियम ​MP Single License for Builders

​MP में अवैध कॉलोनी निर्माण: अब होगी 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माना

​मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका विधि (संशोधन) विधेयक में आमूलचूल बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार:

​सजा का प्रावधान: अवैध कॉलोनी बनाने वालों को अब 10 साल तक की जेल भुगतनी होगी। पहले यह सजा अधिकतम 7 साल थी।

​भारी जुर्माना: जुर्माने की राशि को 10 लाख रुपये से सीधे बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

​कलेक्टर की सीधी जिम्मेदारी: नए कानून के तहत अब किसी भी जिले में अवैध कॉलोनी विकसित होने पर सीधे तौर पर कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे। वे अनुभाग स्तर पर इसकी जिम्मेदारी एसडीएम को सौंप सकेंगे।

​जवाबदेही और समय सीमा: अवैध निर्माण को रोकने, उसे हटाने और संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई अब लोक सेवा गारंटी की तर्ज पर 45 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।

​पूरे प्रदेश के लिए अब 'एक ही लाइसेंस'

​अभी तक बिल्डरों को अलग-अलग शहरों या नगर निगम क्षेत्रों में काम करने के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने पड़ते थे। लेकिन नए 'एकीकृत अधिनियम' के बाद:

​सिंगल लाइसेंस: बिल्डर अब एक ही लाइसेंस के आधार पर पूरे मध्य प्रदेश (गांव और शहर दोनों) में कॉलोनी विकसित कर सकेंगे।

​प्रक्रिया में पारदर्शिता: ईमानदार बिल्डरों के लिए व्यापार करना आसान होगा, जबकि धोखाधड़ी करने वालों पर निगरानी रखना सरकार के लिए सरल हो जाएगा।

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