एमपी में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी पर सख्ती: आदेश नहीं मानने पर कटेगा वेतन
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को जारी किए निर्देश, तीन लाख से ज्यादा शिक्षक होंगे प्रभावित
Sat, 8 Nov 2025
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने अब शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी (Online Attendance) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी शिक्षक को स्कूल में बिना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किए काम नहीं करने दिया जाएगा। यदि कोई शिक्षक या अतिथि शिक्षक आदेश का पालन नहीं करता है, तो उसका वेतन रोका जाएगा या कटौती की जाएगी।
यह कदम तब उठाया गया है जब जबलपुर हाई कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया कि शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए सरकार द्वारा बनाई गई डिजिटल प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
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जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
दरअसल, राज्य में पिछले कुछ समय से यह शिकायतें आ रही थीं कि कई स्कूलों में शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। कई जिलों में यह प्रणाली सिर्फ औपचारिक रूप से लागू की गई थी, लेकिन वास्तविक रूप से इसका पालन नहीं हो रहा था।
ऐसे में जबलपुर हाई कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार ने शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था बनाई है, तो उसे पूरी तरह लागू करना होगा। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने तुरंत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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तीन लाख से अधिक शिक्षकों पर असर
मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लगभग 3 लाख शिक्षक और अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सभी शिक्षक शामिल हैं।
विभाग ने कहा है कि अब हर शिक्षक को सुबह विद्यालय पहुंचते ही ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी और स्कूल छोड़ते समय लॉगआउट करना होगा।
इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष “Education Portal” और “Shiksha Attendance App” विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उपस्थिति का डेटा सीधे राज्य मुख्यालय तक पहुंचता है।
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वेतन और सेवा रिकॉर्ड पर पड़ेगा असर
विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन शिक्षकों की हाजिरी ऐप पर दर्ज नहीं होगी, उनकी ड्यूटी अनुपस्थित मानी जाएगी।
ऐसे शिक्षकों को उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा और यदि यह लापरवाही बार-बार होती है, तो सेवा रिकॉर्ड (Service Record) में भी इसका उल्लेख किया जाएगा।
विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और प्रधान पाठक यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी शिक्षक रोजाना ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करें।
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अतिथि शिक्षकों के लिए भी लागू होंगे नियम
यह सख्ती सिर्फ स्थायी शिक्षकों तक सीमित नहीं है। अतिथि शिक्षकों के लिए भी यही नियम लागू होंगे।
यदि अतिथि शिक्षक उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि स्कूलों में समय पर अध्यापन कार्य सुनिश्चित हो सकेगा।
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विभाग की चेतावनी और आगे की योजना
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि जिन जिलों में अब भी अनुपालन नहीं हो रहा है, वहां विशेष निरीक्षण टीमें भेजी जाएंगी।
इसके अलावा, विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में बायोमेट्रिक सिस्टम को भी ऐप से जोड़ा जा सकता है ताकि पूरी तरह सटीक उपस्थिति दर्ज हो सके।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले महीनों में इस प्रणाली को और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्यालय से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सा शिक्षक किस समय तक स्कूल में मौजूद है।
ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली के सख्त अनुपालन से मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।
हालांकि, शिक्षकों के कुछ वर्गों ने नेटवर्क की दिक्कतों और तकनीकी समस्याओं को लेकर अपनी चिंता जताई है, फिर भी विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार निश्चित रूप से होगा।
