SIR ड्यूटी में लगे शिक्षक ने जहर खाकर दी जान, पत्नी से बोला- SDM और BDO परेशान कर रहे

BLO Death In UP : यूपी के गोंडा में मतदाता पुनरीक्षण कार्य (SIR) में लगे टीचर BLO ने जहर खाकर जान दे दी। वीडियो में विपिन ने अपनी मौत का जिम्मेदार तरबगंज के एसडीएम विश्वामित्र सिंह, नवाबगंज के बीडीओ रवि गुप्ता और लेखपाल को बताया।
 
BLO Death In UP
BLO Death In UP :  उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कार्य में तैनात एक सहायक अध्यापक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) विपिन यादव की जहर खाने से हुई मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह अपने किराए के आवास पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद विपिन यादव को तत्काल इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) रेफर कर दिया गया। जिला प्रशासन की तत्परता दिखाते हुए, एसडीएम सदर अशोक कुमार स्वयं उन्हें लेकर लखनऊ पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की तमाम कोशिशें कीं, जिनमें सीपीआर देना भी शामिल था, लेकिन विपिन यादव को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
​सहायक अध्यापक विपिन यादव मूल रूप से जौनपुर जिले के रहने वाले थे और गोंडा के जैतपुर माझा में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। अपनी ड्यूटी के दौरान वह मतदाता पुनरीक्षण कार्य के लिए BLO के रूप में तैनात थे। उनकी मौत का मामला तब अधिक गंभीर हो गया जब अस्पताल में उनकी पत्नी सीमा यादव द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो सामने आया।
​अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप: अंतिम बयान में बताई मौत की वजह
​मरने से ठीक पहले रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में विपिन यादव ने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि तरबगंज के एसडीएम विश्वामित्र सिंह, नवाबगंज के बीडीओ रवि गुप्ता और एक लेखपाल उन्हें BLO के कार्य को लेकर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने इन अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिसके कारण वह अत्यधिक मानसिक तनाव में थे और अंततः उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। विपिन यादव की पत्नी सीमा यादव ने भी उनके आरोपों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनके पति पिछले काफी समय से अधिकारियों के अत्यधिक कार्यभार और खराब व्यवहार के कारण बेहद परेशान और मानसिक दबाव में जी रहे थे।
​जिलाधिकारी ने आरोपों को नकारा, पारिवारिक कलह को बताया मौत का कारण
​दूसरी ओर, गोंडा की जिलाधिकारी (DM) प्रियंका निरंजन ने सहायक अध्यापक और उनके परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जिलाधिकारी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह मामला काम के दबाव का नहीं है, बल्कि शिक्षक की मौत का कारण पारिवारिक समस्याएं और निजी तनाव हो सकता है। डीएम ने तर्क दिया कि विपिन यादव के बूथ पर कुल 700 मतदाता थे, जिनमें से वह पहले ही लगभग आधे यानी 350 मतदाताओं से संबंधित कार्य पूरा कर चुके थे। इस तथ्य के आधार पर, जिलाधिकारी ने काम के अत्यधिक बोझ या दबाव की बात को नकार दिया।
​इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने यह भी आशंका जताई कि विपिन यादव को अस्पताल में अपना बयान देने के लिए उकसाया गया होगा। उन्होंने इस पूरे मामले में उनकी पत्नी सीमा यादव की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने की बात कही है। इस घटना से शिक्षकों के समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया है, जिसके चलते किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लखनऊ और गोंडा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, मृतक विपिन यादव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और पुलिस व प्रशासन मामले की गहन छानबीन में जुट गए हैं।

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