आधी रात को बहू के पलंग से निकला प्रेमी, घर में शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा…दुबई में मौजूद पति के उड़े होश

अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बभनगवा गांव में बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 
 
Ayodhya News Today
अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र से एक ऐसी हैरान कर देने वाली और भावनात्मक कहानी सामने आई है, जिसने प्रेम, त्याग और वैवाहिक संबंधों की पारंपरिक परिभाषा को एक नया आयाम दिया है। एक शादीशुदा महिला ने अपने प्रेमी को घर के अंदर बेड के नीचे छिपा रखा था। देर रात हुई एक छोटी सी आहट ने इस गहरे राज को सबके सामने ला दिया। घर में चोर घुसने के संदेह में जब घरवालों ने कमरे की तलाशी शुरू की, तो जो सच्चाई बाहर आई, उसने सभी को अचंभित कर दिया। इसके बाद दुबई में बैठे पति ने अपनी पत्नी की खुशी के लिए जो फैसला लिया, उसने पूरे मामले को एक अनूठा और ऐतिहासिक मोड़ दे दिया।
​बेड के अंदर मिला 'चोर', निकला पत्नी का प्रेमी
​घटना 6 दिसंबर की देर रात की है। महिला का पति जाफर अली रोज़गार के सिलसिले में विदेश, यानी दुबई में नौकरी करता है। महिला अपने ससुराल में अन्य परिजनों के साथ रह रही थी। गांव के ही आलिम नामक युवक से उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसकी खबर परिवार वालों को बिल्कुल नहीं थी। 6 दिसंबर की रात आलिम चुपके से अपनी प्रेमिका से मिलने उसके ससुराल पहुंचा। दोनों कमरे में दबे स्वर में बातें कर रहे थे कि तभी घरवालों को कमरे के भीतर कुछ संदिग्ध हलचल महसूस हुई। उन्हें लगा कि कोई चोर घर में घुस आया है। शोर मचते ही परिजन और पड़ोसी जमा हो गए।
​घरवालों को देखकर महिला घबरा गई और उसने अपने प्रेमी आलिम को छिपाने की योजना बनाई। उसने तुरंत आलिम को कमरे में रखे बेड के अंदर बने बॉक्स में छिपा दिया। जब घरवालों ने कमरे का दरवाजा खोला और चोर की तलाश शुरू की, तो उनकी नज़र बेड पर पड़ी। किसी को संदेह हुआ और जब उन्होंने झटके से बेड का बॉक्स खोला, तो अंदर एक युवक को बैठे देख सभी हैरान रह गए।
​महिला की गुहार और चौंकाने वाला कबूलनामा
​चोर समझकर गुस्साई भीड़ ने आलिम को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच, महिला दौड़ती हुई आई और उसने अपने परिजनों को रोकते हुए जोर-जोर से चिल्लाकर कहा, “इन्हें मत मारो, ये चोर नहीं हैं! ये मेरा प्रेमी है और मैं इनसे ही शादी करना चाहती हूँ।”
​यह कबूलनामा सुनकर घर के सभी सदस्य, विशेष रूप से ससुर शमीम शाह और अन्य परिजन, स्तब्ध रह गए। अचानक चोर-पुलिस का मामला पूरी तरह से प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक कलह में बदल गया। परिवार में तुरंत तनाव और हंगामा मच गया। स्थिति को बिगड़ता देख, महिला के ससुर ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पूरा मामला अयोध्या के पूराकलंदर थाने पहुंचा। पुलिस ने प्रेमी जोड़े और महिला के परिजनों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में महिला और आलिम ने पुलिस के सामने यह बात स्वीकार की कि उनका यह रिश्ता कई सालों से चल रहा था और वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते।
​दुबई से पति का भावनात्मक और त्यागपूर्ण फैसला
​मामले की गंभीरता को देखते हुए, महिला के ससुर शमीम शाह ने अपने बेटे जाफर अली को फोन लगाया, जो दुबई में थे। पिता ने उन्हें पूरी घटना विस्तार से बताई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने सबके सामने अपने प्रेमी के साथ रहने और शादी करने की इच्छा जाहिर की है।
​दुबई से फोन पर पूरी बात सुनने के बाद जाफर अली ने जो जवाब दिया, उसने रिश्तों की जटिलता के बीच एक नई राह खोल दी और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से लेकर परिजनों तक को हैरान कर दिया। जाफर ने बिना किसी क्रोध, शिकायत या अहंकार के अपने पिता से कहा, "पिताजी, अगर मेरी पत्नी मेरे साथ खुश नहीं है और उसे किसी और के साथ रहकर खुशी मिलती है, तो मुझे उसे रोकने का कोई हक नहीं है। मैं चाहता हूँ कि वह बस खुश रहे। आप उसकी शादी उसके प्रेमी से करा दीजिए, मेरी तरफ से मुझे कोई आपत्ति नहीं है।"
​पति का यह त्यागपूर्ण और भावनात्मक फैसला सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हतप्रभ रह गए। जाफर अली का यह फैसला एक अनूठा उदाहरण था, जिसमें किसी ने अपने निजी दर्द और सामाजिक बंधनों से ऊपर उठकर अपने साथी की खुशी को प्राथमिकता दी।
​थाने में हुई शादी, पति बना वीडियो कॉल पर गवाह
​पति जाफर अली की सहमति मिलने के बाद, दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में थाना परिसर को ही विवाह स्थल में बदल दिया गया। सभी की उपस्थिति में आलिम और महिला का विवाह संपन्न कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान, जाफर अली वीडियो कॉल के जरिए अपने 'पूर्व' वैवाहिक जीवन के अंत और पत्नी के नए जीवन की शुरुआत के साक्षी बने।
​विवाह संपन्न होने के बाद, महिला के ससुर शमीम शाह और उसके पिता चांद अली ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। जब महिला विदा होकर अपने मायके जाने लगी, तो पति जाफर अली ने वीडियो कॉल पर अपनी पूर्व पत्नी से बात की। उन्होंने उसे शुभकामनाएं देते हुए कहा, "खुश रहना, बस यही चाहता हूँ।"
​अयोध्या का यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग और आधुनिक रिश्तों की समझदारी का एक दुर्लभ उदाहरण बन गया है, जिसने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी त्याग और समझदारी ही सबसे बड़ा रिश्ता होती है। यह घटना अब पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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