मध्यप्रदेश की बदलेगी तस्वीर! केंद्र के 5 लाख करोड़ के ये 101 प्रोजेक्ट्स लाएंगे विकास की सुनामी।

केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के 101 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। सड़कों, रेलवे और सिंचाई के इन प्रोजेक्ट्स से बदलेगा एमपी का भविष्य। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
 
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एमपी को केंद्र की बड़ी सौगात: 5 लाख करोड़ के 101 प्रोजेक्ट्स का पूरा विश्लेषण
​मध्यप्रदेश, जिसे भारत का 'हृदय प्रदेश' कहा जाता है, अब देश के विकास का पावरहाउस बनने की राह पर है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाले 101 प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा तैयार की है। यह सौगात ग्वालियर, चंबल, मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और महाकौशल सहित प्रदेश के हर अंचल को कवर करेगी।
​1. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और हाईवे का बिछेगा जाल
​इन प्रोजेक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन है।
​नर्मदा एक्सप्रेस-वे और अटल प्रगति पथ: इन दोनों प्रोजेक्ट्स को गति मिलने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी छोर आपस में जुड़ जाएंगे।
​लॉजिस्टिक्स हब: इंदौर और भोपाल के बीच इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे माल ढुलाई सस्ती और तेज होगी।
​फ्लाईओवर्स और रिंग रोड: जबलपुर, ग्वालियर और सागर जैसे शहरों में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए नए रिंग रोड और ओवरब्रिज का निर्माण होगा।
​2. रेलवे: आधुनिकीकरण और नई लाइनें
​भारतीय रेलवे मध्यप्रदेश में अपने नेटवर्क को पूरी तरह बदलने जा रहा है।
​वंदे भारत और अमृत भारत स्टेशन: प्रदेश के दर्जनों स्टेशनों को 'अमृत भारत योजना' के तहत विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है।
​ब्रॉडगेज कन्वर्जन: जो रेल लाइनें अभी भी छोटी हैं, उन्हें बड़ी लाइन में बदला जाएगा।
​रेलवे मैन्युफैक्चरिंग: प्रदेश में कोच रिपेयर और कलपुर्जे बनाने की यूनिट्स की स्थापना की योजना है।
​3. ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन
​ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पहले ही सरप्लस राज्य है, लेकिन नए प्रोजेक्ट्स इसे 'ग्रीन एनर्जी' का केंद्र बनाएंगे।
​सोलर पार्क: रीवा और ओंकारेश्वर के फ्लोटिंग सोलर प्लांट के बाद, अब बुंदेलखंड क्षेत्र में नए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे।
​ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: केंद्र सरकार मध्यप्रदेश को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का हब बनाने के लिए विशेष निवेश कर रही है।
​4. सिंचाई और कृषि: केन-बेतवा लिंक परियोजना
​इन 101 प्रोजेक्ट्स में सबसे महत्वपूर्ण केन-बेतवा लिंक परियोजना है।
​इस प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त इलाकों (छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना) की किस्मत बदलेगी।
​लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और पीने के पानी की समस्या का स्थाई समाधान होगा।
​राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
​इतने बड़े निवेश से मध्यप्रदेश की GSDP (Gross State Domestic Product) में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
​रोजगार सृजन: निर्माण, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 से 15 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
​औद्योगिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण पीथमपुर, मन्दीपदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के लिए देश-विदेश की कंपनियां आकर्षित होंगी।
​पर्यटन: खजुराहो, उज्जैन (महाकाल लोक) और ओरछा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से टूरिज्म रेवेन्यू बढ़ेगा।

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