मध्य प्रदेश में यातायात नियमों (Traffic Rules) पर लागू नया बदलाव सामने आया है जिसमें परिवहन विभाग ने प्रधान आरक्षकों (Head Constables) को चालान काटने का अधिकार दे दिया है। इससे पहले यह अधिकार केवल सहायक उप निरीक्षक (ASI) और उससे ऊपर के अधिकारियों को ही मिलता था, लेकिन अब इस प्रावधान से enforcement (नियम पालन करवाना) और कड़ी हो सकता है, खासकर सड़कों पर होने वाले ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई में।
क्या नया बदलाव है?
प्रधान आरक्षकों को चालान काटने की अनुमति:
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने 35–42 प्रधान आरक्षकों को अब चालान काटने का अधिकार दे दिया है। अब वे मौके पर ही ट्रैफिक उल्लंघन के लिए जुर्माना (चालान) कर सकेंगे। इससे पहले यह अधिकार केवल वरिष्ठ अधिकारियों के पास था, जिससे पैदल गश्त और enforcement सीमित रह जाती थी।
गजट अधिसूचना जारी:
यह बदलाव 12 जनवरी 2026 को जारी गज़ट अधिसूचना के तहत लागू किया गया और इसका मकसद सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और नियमों का पालन कराना है।
क्यों था बदलाव की जरूरत?
वाहनों की संख्या बढ़ी:
राज्य में वाहनों की संख्या और सड़कों पर आवागमन तीव्रता से बढ़ रहा है, लेकिन चालान काटने वाले अधिकारी सीमित हैं। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस गेप को पूरा करने के लिए प्रधान आरक्षकों को अधिक अधिकार देना आवश्यक था।
चालानी कार्रवाई में वृद्धि:
अब नियम उल्लंघन के मामलों — जैसे हेलमेट न पहनना, लाइसेंस न होना, वाहन दस्तावेजों का अभाव — पर अधिक तेज़ी से चालान काट कर सख्ती बढ़ाई जा सकेगी।
सड़कों पर सख्ती बढ़ेगी — क्या बदलेगा?
बढ़ेगा जुर्माना:
नया निर्णय केवल अधिकारियों को अधिकार देने तक सीमित नहीं है — इसके साथ ही कई मुख्य त्यागों पर जुर्माने में भी बढ़ोतरी की जा रही है। उदाहरण के तौर पर हेलमेट न पहनने पर अब जुर्माना ₹300 नहीं बल्कि ₹500 होगा।
संभवतः CCTV निगरानी:
परिवहन विभाग CCTV कैमरों से ट्रैफिक मॉनिटरिंग की तैयारी कर रहा है ताकि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर और प्रभावी निगरानी की जा सके।
यह कदम सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के प्रयास का हिस्सा
मध्य प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या चिंता का विषय रही है।
साल 2024 में लगभग 14,700 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई थी — जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है। ऐसे में तेज़ और व्यापक ट्रैफिक नियम लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।
अधिक चालान, नियमित चेकिंग और enforcement से प्रशासन का लक्ष्य है कि
वाहन चालकों में अनुशासन आए,
सड़क सुरक्षा बढ़े,
दुर्घटनाएँ कम हों और
नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई हो।
प्रधान आरक्षकों की भूमिका अब क्या होगी?
मौके पर चालान काटना
नियम उल्लंघनों की रिपोर्ट करना
वाहन चालकों को जागरूक करना
ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करवाना
इन सबमें प्रधान आरक्षक अब सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे। इससे ट्रैफिक पुलिस की सूक्ष्म उपस्थिति बढ़ेगी और सड़क पर पुलिस की पकड़ मजबूत होगी।
नए अधिकार के प्रभाव — आम जनता के लिए क्या बदलता है?
वाहन चालकों के लिए चेतावनी:
अब ज्यादातर छोटे–बड़े नियमों पर नियम उल्लंघन पर तुरंत चालान कट सकता है — हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, कागज़ात सभी के अनुपालन की ज़रूरत अधिक सख्ती से लागू होगा।
ऑनलाइन e-चालान प्रक्रिया:
वैसे पुराने समय से e-चालान, QR चालान और पॉइंट-आधारित सिस्टम भी लागू हो रहे हैं — जिससे चालान वसूली और रिकॉर्ड रखना आसान है और डुप्लीकेट चालान से बचा जा सकता है।
Road Safety Awareness:
पटना और अन्य शहरों में (जैसे ICCC कैमरे से) ट्रैफिक उल्लंघन पर कड़ी निगरानी और जुर्माने का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे सड़क उपयोगकर्ताओं को नियमों के प्रति अधिक जागरूक होना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने और सड़क नौकरियों में सुधार लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रधान आरक्षकों को चालान कटने का अधिकार मिलता है।
हेलमेट के जुर्माने और नियम उल्लंघन पर सख्ती बढ़ेगी।
सीसीटीवी सहित अन्य निगरानी से अनुपालन बढ़ेगा।