यूपी के किसानों को ₹2.5 लाख तक का महालाभ, 15 दिसंबर तक आवेदन का आखिरी मौका
PM Kusum Yojana: सिंचाई संकट होगा खत्म, 40,521 सोलर पंपों पर मिल रहा 60% से अधिक का भारी अनुदान.
Thu, 27 Nov 2025
PM Kusum Yojana: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना के तहत 40,521 सोलर पंपों पर भारी अनुदान देने की घोषणा की है। यह योजना किसानों को सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भरता से मुक्ति दिलाकर उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। कृषि विभाग द्वारा इन सोलर पंपों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है, जिसके पहले सभी पात्र किसानों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अनुदान का विवरण और किसानों को लाभ
पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर किसानों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से 60% से अधिक का अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है।
2 एचपी से 10 एचपी तक के पंप: प्रदेश में 2 हॉर्स पावर (HP) से लेकर 10 हॉर्स पावर तक के विभिन्न क्षमता वाले एसी और डीसी सबमर्सिबल सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
सब्सिडी की अधिकतम सीमा: अलग-अलग क्षमता के पंपों पर अनुदान की राशि भी अलग-अलग है, जो किसानों को ₹2.5 लाख तक का सीधा लाभ प्रदान कर सकती है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के पंप पर लगभग ₹98,593 तक का अनुदान मिल रहा है।
कम खर्च में सोलर पंप: इस भारी सब्सिडी के कारण किसानों को सोलर पंप की कुल लागत का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही वहन करना होगा। कुछ मामलों में किसानों को केवल 10% से 40% तक ही खर्च करना होगा।
अतिरिक्त आय का स्रोत: ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सौरीकरण (Component-C) के तहत, किसान अपनी सिंचाई की जरूरतें पूरी करने के बाद बची हुई अतिरिक्त सौर बिजली को डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियों) को बेचकर सालाना ₹25,000 प्रति एकड़ तक की अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
यह योजना केवल उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत किसानों के लिए ही उपलब्ध है।
आवेदन की अंतिम तिथि: इच्छुक और पात्र किसान 15 दिसंबर 2025 तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
टोकन मनी: आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसानों को "अनुदान हेतु सोलर पंप की बुकिंग करें" लिंक पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और टोकन मनी के रूप में ₹5,000 की राशि जमा करनी होगी। यह राशि बाद में अंतिम लागत में समायोजित कर दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया: किसानों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से ई-लॉटरी (E-Lottery) के माध्यम से किया जाएगा। लॉटरी में नाम आने के बाद किसान को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भेजी जाएगी।
शेष राशि का भुगतान: बुकिंग कन्फर्म होने के बाद, किसान को अनुदान राशि घटाने के बाद बची हुई अपनी अंश राशि (बैलेंस अमाउंट) निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन या चालान के माध्यम से जमा करनी होगी।
बोरिंग के नियम: पंप के आवंटन के लिए बोरिंग की क्षमता संबंधी नियम भी निर्धारित हैं। जैसे 2 एचपी पंप के लिए 4 इंच की बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिए 6 इंच की बोरिंग और 7.5 व 10 एचपी पंप के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है। सत्यापन के समय इन नियमों का पालन न होने पर आवेदन निरस्त हो सकता है और टोकन मनी जब्त हो सकती है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
पीएम कुसुम योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना है। इसके निम्नलिखित प्रमुख लाभ हैं:
डीजल और बिजली पर निर्भरता कम: सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के उपयोग से किसान महंगी बिजली और डीजल की खपत से बचेंगे, जिससे सिंचाई की लागत कम होगी।
पर्यावरण संरक्षण: यह योजना पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि इसमें जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) की जगह स्वच्छ सौर ऊर्जा का उपयोग होता है।
किसानों की आय में वृद्धि: कम लागत और अतिरिक्त बिजली बेचने की क्षमता से किसानों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि होगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा और वे बिना किसी रुकावट के अपनी फसलों की पैदावार बढ़ा सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
