MP Weather Update: मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम, अगले 48 घंटों में इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड के विदा होने के बाद अब प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की आहट शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के करीब 15 जिलों में झमाझम बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं का रुख बदला है। इसके प्रभाव से राजस्थान से सटे मध्य प्रदेश के जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। यह सिस्टम मुख्य रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग और सागर संभाग के कुछ हिस्सों को प्रभावित करेगा।
इन जिलों में जारी हुआ 'येलो अलर्ट'
IMD ने निम्नलिखित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है:
ग्वालियर-चंबल संभाग: ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर कलां।
बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्र: टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, नीमच और मंदसौर।
सागर संभाग: राजगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
बारिश की गतिविधियों के कारण दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे हल्की ठिठुरन महसूस होगी। हालांकि, रात के तापमान में विशेष गिरावट की उम्मीद नहीं है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन वहां भारी बारिश के आसार कम हैं।
किसानों के लिए सलाह
फरवरी के महीने में होने वाली यह बेमौसम बारिश रबी की फसलों (जैसे गेहूं और चना) के लिए कुछ स्थानों पर फायदेमंद हो सकती है, लेकिन जिन किसानों की फसल कटने के करीब है, उन्हें सतर्क रहने और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।