1040 करोड़ के फोरलेन का काम शुरू: एमपी से यूपी की दूरी होगी कम, रायसेन को मिलेगी विकास की गति

Bhopal-Kanpur Corridor Update: भोपाल-कानपुर कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण शुरू, 42 किमी लंबी सड़क से बेहतर होगी कनेक्टिविटी.
 
Fourlane Construction Bhopal- kanpur

Bhopal-Kanpur Corridor Update: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को सुगम बनाने और समय बचाने के उद्देश्य से भोपाल-कानपुर कॉरिडोर (Bhopal-Kanpur Corridor) के पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लगभग 1040 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस फोरलेन के शुरू होने से दोनों राज्यों के बीच की दूरी कम होगी, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

​ परियोजना का विवरण और कार्यक्षेत्र
​पहला चरण: इस परियोजना के तहत भोपाल से कोड़ी (Kodi) तक 42 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। यह सड़क भोपाल के रत्नागिरी तिराहे से रायसेन होते हुए सांची रोड पर मोरी-कौड़ी गांव तक बनाई जाएगी।
​कनेक्टिविटी: यह 42 किमी का हिस्सा कोड़ी से विदिशा तक बनाए जा रहे कॉरिडोर के दूसरे चरण से जुड़ेगा, जिसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
​लागत और भूमि अधिग्रहण: फोरलेन के निर्माण पर करीब 1040 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें से लगभग 36 करोड़ रुपए भू-अर्जन पर व्यय हुए हैं। इसके लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की 115 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
​निर्माण कार्य शुरू: ठेकेदार बीआरसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने रायसेन के गोपालपुर के पास, जहां फ्लाईओवर प्रस्तावित है, नापतौल और लेबलिंग का काम शुरू कर दिया है।
​ आवागमन होगा सुगम और तेज़
​रफ़्तार: नई सड़क को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि इस पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
​सुरक्षा और संरचना: फोरलेन सड़क के बीच करीब दो मीटर चौड़ा डिवाइडर होगा और बाइक चालकों के लिए भी एक मीटर का अलग हिस्सा शामिल रहेगा।
​पुल और पुलिया: इस खंड में एक बड़ा पुल बेतवा नदी पर सहित लगभग 90 पुल और पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा। टू-लेन सड़क को फोर-लेन में बदलने के दौरान खतरनाक मोड़ और घाटियों को भी कम किया जाएगा ताकि वाहनों की गति बिना ब्रेक लगे बनी रहे और दुर्घटना का खतरा कम हो।
​बायपास: रायसेन और भोपाल के बीच केवल एक गांव के पास लगभग तीन किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जाएगा, जिससे चिड़िया टोल के पास वाली खतरनाक घाटी भी समाप्त हो जाएगी।
रायसेन और क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
​विकास का वाहक: भोपाल-कानपुर कॉरिडोर न केवल भोपाल से कानपुर तक आवागमन को आसान और कम समय का बनाएगा, बल्कि इससे व्यापार में बढ़ोतरी होगी और इसके बीच पड़ने वाले शहरों के विकास में भी बड़ा योगदान देगा।
​रायसेन का विस्तार: इस कॉरिडोर के बनने से रायसेन नगर के विकास को गति मिलेगी। बायपास पहले से ही बन चुके हैं, जिस पर कई सरकारी दफ्तरों, निजी भवनों, होटलों और ढाबों का निर्माण शुरू हो गया है। कॉरिडोर से शहर का विस्तार और व्यावसायिक गतिविधियां और तेज़ होंगी।

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