पीएम-किसान की 22वीं किस्त जल्द ही होगी जारी: किसानों को e-KYC और फॉर्म रजिस्ट्री पूरी करने की सलाह
PM Kisan: योजना का महत्व और अगली किस्त की अपेक्षा
Thu, 27 Nov 2025
PM Kisan Nidhi Samman Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके तहत देश भर के पात्र किसानों को ₹6,000 प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। ये किस्तें आमतौर पर अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च की अवधि में जारी की जाती हैं।
हाल ही में, योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर, 2025 को जारी की गई थी, जिसने 9 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया। अब, दिसंबर-मार्च की अवधि के लिए 22वीं किस्त (इंस्टॉलमेंट) जारी होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, 22वीं किस्त 2025 के अंतिम तिमाही या 2026 की शुरुआत में जारी होने की संभावना है, लेकिन किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सटीक तारीख के लिए PM-Kisan के आधिकारिक पोर्टल को नियमित रूप से जांचते रहें।
22वीं किस्त प्राप्त करने के लिए अनिवार्य शर्तें और महत्वपूर्ण बदलाव
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है कि केवल पात्र और सत्यापित किसान ही इस योजना का लाभ प्राप्त करें। 22वीं किस्त प्राप्त करने के लिए किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करना अनिवार्य है:
ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण करना: यह योजना के तहत लाभ जारी रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी (OTP आधारित या बायोमेट्रिक) पूरा नहीं किया है, उनकी किस्त रुक सकती है। नए लाभार्थियों के लिए भी यह अनिवार्य है।
आधार को बैंक खाते से जोड़ना (Aadhaar Seeding): किस्त की राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है। किसान अपने बैंक जाकर यह सुनिश्चित करें कि उनका आधार उनके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है और बैंक रिकॉर्ड में नाम बिल्कुल आधार कार्ड के नाम से मेल खाता हो।
फॉर्म रजिस्ट्री/भू-सत्यापन (Form Registration/Land Seeding): कई राज्यों में, विशेष रूप से बिहार जैसे राज्यों में, किसानों के लिए फॉर्म रजिस्ट्री या भू-सत्यापन (Land Seeding) अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने फॉर्म रजिस्ट्री नहीं कराई है, उन्हें 22वीं किस्त नहीं मिलेगी। यह अनिवार्य कदम भूमि के स्वामित्व और लाभार्थी की पात्रता को सत्यापित करने के लिए है।
किसानों के लिए जोखिम और पैसा अटकने के कारण
पिछली किस्तों में बड़ी संख्या में किसानों की राशि अटक गई थी। सरकार ने पहचान की है कि अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने और वास्तविक किसानों को लाभ सुनिश्चित करने के लिए किस्त रोकी गई थी। 22वीं किस्त पर खतरा मंडराने के मुख्य कारण ये हो सकते हैं:
ई-केवाईसी/भू-सत्यापन की कमी: जैसा कि ऊपर बताया गया है, इन अनिवार्य सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा न करना किस्त रुकने का सबसे बड़ा कारण है।
दस्तावेज़ों में त्रुटि: आधार कार्ड, बैंक अकाउंट या भू-अभिलेखों में नाम की स्पेलिंग या अन्य विवरणों में मामूली विसंगति होने पर भी भुगतान रुक जाता है।
अपात्रता: ऐसे मामले जहां पति-पत्नी दोनों एक ही परिवार से योजना का लाभ ले रहे हों, या किसान ने 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि स्वामित्व प्राप्त किया हो, तो लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
अपनी स्थिति कैसे जांचें?
किसान अपनी किस्त का स्टेटस जानने और किसी भी समस्या को हल करने के लिए PM-Kisan पोर्टल पर 'फार्मर्स कॉर्नर' (Farmers Corner) में 'Know Your Status' या 'Beneficiary Status' विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: 'फार्मर्स कॉर्नर' में 'Beneficiary Status' पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपना पंजीकरण संख्या (Registration Number) या मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP सत्यापित करें।
यदि आपके स्टेटस में 'RFT Signed by State' या 'FTO is Generated' दिखाई दे, तो इसका मतलब है कि राज्य सरकार द्वारा आपके डेटा का सत्यापन हो चुका है और जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा फंड ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया जाएगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सभी आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के उनके खाते में जमा हो सके।
