NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले 'मेमोरेंडम' (मांग पत्र) को अंतिम रूप देना था। बैठक में रेलवे, डिफेंस, पोस्टल और अन्य विभागों के कर्मचारी संगठनों ने हिस्सा लिया।
1. फिटमेंट फैक्टर पर सबसे बड़ी मांग (Fitment Factor Demand)
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर पर हुई। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह 2.57 है।
कर्मचारी संघों की मांग: यूनियन ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर 3.00 से 3.25 के बीच रखा जाए।
असर: यदि फिटमेंट फैक्टर 3.25 होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 58,500 रुपये हो सकती है।
2. सालाना इंक्रीमेंट (Annual Increment)
वर्तमान में कर्मचारियों को 3% का सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। JCM की बैठक में इसे बढ़ाकर 5% से 7% करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि महंगाई के अनुपात में कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
3. पेंशन और OPS की बहाली (Old Pension Scheme)
बैठक में केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि पेंशन पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को मेमोरेंडम में प्राथमिकता पर रखेंगे। साथ ही, न्यूनतम पेंशन को भी वर्तमान 9,000 रुपये से बढ़ाकर फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संशोधित करने पर सहमति बनी है।
4. भत्तों में संशोधन (Allowances Revision)
HRA और TA: महंगाई दर (DA) 50% से ऊपर जाने के बाद अब 8वें वेतन आयोग में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) को नए सिरे से निर्धारित करने की मांग की गई है।
मेडिकल अलाउंस: फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) को वर्तमान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है (उन जगहों के लिए जहाँ CGHS की सुविधा नहीं है)।
सैलरी का नया गणित: कितनी बढ़ेगी आपकी तनख्वाह?
अगर ड्राफ्टिंग कमेटी की सिफारिशें सरकार मान लेती है, तो सैलरी स्ट्रक्चर कुछ इस तरह दिख सकता है:
विवरण 7वां वेतन आयोग (वर्तमान) 8वां वेतन आयोग (प्रस्तावित)
न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 ₹54,000 - ₹58,500
फिटमेंट फैक्टर 2.57 3.00 - 3.25
न्यूनतम पेंशन ₹9,000 ₹20,000+
सालाना इंक्रीमेंट 3% 5% - 7%
आगे क्या होगा?
JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी अब एक हफ्ते तक दिल्ली में रहकर इस मेमोरेंडम को बारीकी से तैयार करेगी। इसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग (अध्यक्ष: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई) को सौंपा जाएगा। आयोग इन मांगों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेगा।
उम्मीद जताई जा रही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं, जिससे कर्मचारियों को एरियर (Arrear) का लाभ भी मिलेगा।