8th Pay Commission: कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? जानें एरियर, पुराने ट्रेंड और कर्मचारियों की अहम मांगें
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8th Pay Commission (8वां वेतन आयोग) का विषय इस समय सबसे चर्चित है। हाल ही में आयोग ने अपनी 18-सूत्रीय प्रश्नावली (18-point questionnaire) के लिए फीडबैक जमा करने की अंतिम तिथि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है, जिससे देशभर के सरकारी कर्मचारियों और यूनियनों में हलचल तेज हो गई है।
1. क्या है 8th Pay Commission की वर्तमान स्थिति?
सरकार ने नवंबर 2025 में इसके Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग फिलहाल परामर्श चरण (consultation phase) में है और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से उनके सुझाव मांग रहा है।
2. कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
आयोग के गठन की प्रक्रिया के बाद से ही यह सवाल बना हुआ है कि इसकी सिफारिशें कब से प्रभावी होंगी।
प्रस्तावित प्रभावी तिथि: सामान्यतः वेतन आयोग 10 साल के चक्र पर चलते हैं, इसलिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
क्या वास्तव में 2026 में लागू होगा? इतिहास गवाह है कि आयोग की रिपोर्ट आने और उसे लागू करने के बीच का समय अक्सर लंबा होता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 2026 की तिथि महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविक क्रियान्वयन 2027 या उसके बाद तक खिंच सकता है।
3. एरियर (Arrears) का क्या होगा नियम?
अगर सरकार सिफारिशों को 2026 के बाद लागू करती है, तो एरियर का मुद्दा सबसे अहम हो जाता है।
पुराने ट्रेंड: 6वें और 7वें वेतन आयोग के दौरान, सरकार ने अधिसूचना जारी करते समय उसे पिछली तिथि (retrospective date) से प्रभावी माना था।
एरियर का गणित: अगर रिपोर्ट 2027 में आती है और उसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को बीच की अवधि का 'एरियर' (बकाया वेतन) एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। पिछली बार के ट्रेंड्स को देखें तो एरियर की राशि का भुगतान कर्मचारी के पे-बैंड और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लाखों में हो सकता है।
4. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें (Key Demands)
यूनियनों, जैसे AITUC और अन्य कर्मचारी निकायों ने अपनी कई मांगें रखी हैं:
Fitment Factor: कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.25 के बीच रखने की मांग कर रहे हैं। इससे मूल वेतन (Basic Pay) में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है।
न्यूनतम वेतन (Minimum Pay): कर्मचारियों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये से ऊपर करने की मांग की है।
DA का नया फॉर्मूला: महंगाई भत्ते (DA) की गणना के लिए अपनाए जा रहे पुराने फॉर्मूले में बदलाव की मांग की गई है, ताकि इसमें आधुनिक खर्चों (जैसे स्वास्थ्य, इंटरनेट और शिक्षा) को शामिल किया जा सके।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारी निकायों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को हटाकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को फिर से उठाया है।