मार्च 2, 2026: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ हेडलाइंस तक, हर जगह 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) और सैलरी में होने वाली भारी बढ़ोतरी के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन क्या वाकई फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से आपकी इन-हैंड सैलरी में दोगुना उछाल आएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि हकीकत इन दावों से थोड़ी अलग है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसकी भूमिका?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) है जिसका उपयोग पिछले वेतन आयोग के मूल वेतन (Basic Pay) को नए वेतन आयोग के मूल वेतन में बदलने के लिए किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठन इसे 2.86 या 3.00 तक ले जाने की मांग कर रहे हैं।
क्यों 'बड़ी सैलरी जंप' महज एक भ्रम है? (DA Merger का खेल)
अक्सर कर्मचारी यह मान लेते हैं कि अगर फिटमेंट फैक्टर 3 गुणा बढ़ता है, तो उनकी कुल सैलरी भी 300% बढ़ जाएगी। यहीं पर महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) की भूमिका आती है।
DA का विलय (Merger): जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, मौजूदा DA को मूल वेतन में जोड़ दिया जाता है। वर्तमान में DA के 50% से ऊपर (70% के करीब अनुमानित) होने के कारण, नया मूल वेतन पहले से ही बढ़ा हुआ होगा।
वास्तविक वृद्धि: मान लीजिए किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹18,000 है। DA विलय के बाद यह पहले ही बढ़ जाएगा। जब फिटमेंट फैक्टर लागू होगा, तो वह केवल मूल वेतन को संशोधित करेगा। भत्तों (HRA, TA) में भी संशोधन होगा, लेकिन कुल 'टेक-होम' सैलरी में वास्तविक वृद्धि 20% से 35% के बीच रहने का अनुमान है, न कि 100% या उससे ज्यादा।
8वें वेतन आयोग के संभावित आंकड़े (अनुमानित)
विशेषज्ञों और कर्मचारी यूनियनों की मांगों के आधार पर संभावित परिदृश्य कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:
7वां वेतन आयोग (वर्तमान) 8वां वेतन आयोग (अनुमानित)
न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 ₹34,500 - ₹51,000
फिटमेंट फैक्टर 2.57 1.92 - 2.86
पेंशन में वृद्धि - 20% - 30%
कब तक होगा लागू?
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन के संकेत दे दिए हैं। उम्मीद है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, हालांकि आधिकारिक नोटिफिकेशन और एरियर (Arrears) के भुगतान में थोड़ा समय लग सकता है।