MP में बनेगा 2000 करोड़ का हाईवे, कम होगी महाकाल तक की दूरी

2000 करोड़ की लागत से बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, इंदौर से उज्जैन की दूरी सिर्फ 30 मिनट में!
 
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​इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोर-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा मौजूदा इंदौर-उज्जैन मार्ग के समानांतर एक बिल्कुल नया और आधुनिक फोर-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने की तैयारी।

​परियोजना की अनुमानित लागत और मॉडल: इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है (कुछ रिपोर्ट्स में इसे ₹2,935 करोड़ 15 लाख बताया गया है)। यह अब हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर बनाया जाएगा, जिसमें सरकार 40% खर्च वहन करेगी।

​यात्रा समय में क्रांतिकारी कमी: हाईवे के पूरा होने पर, इंदौर से महाकाल मंदिर की यात्रा का समय मौजूदा 45 मिनट से घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा।

​सिंहस्थ 2028 की तैयारी: इस महत्वपूर्ण सड़क को सिंहस्थ 2028 के महाकुंभ से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आवागमन बहुत आसान हो जाएगा।

​वर्तमान ट्रैफिक का दबाव होगा कम: नया एक्सप्रेस-वे मौजूदा इंदौर-उज्जैन रोड पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने में एक बड़ा राहत देगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा सुरक्षित और तेज हो जाएगी।

​परियोजना का तकनीकी विवरण और कार्यान्वयन

​लंबाई और स्वरूप: यह नया ग्रीनफील्ड मार्ग लगभग 48.10 किलोमीटर लंबा होगा और पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड (Access-Controlled) हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा।

​भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया: परियोजना को शुरू करने से पहले जमीन अधिग्रहण की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। भूमि अधिग्रहण के बाद ही निर्माण कार्य में तेज़ी आएगी।

​मॉडल में बदलाव: इस प्रोजेक्ट को पहले पीपीपी मॉडल पर स्वीकृत किया गया था, लेकिन अब इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) में बदल दिया गया है, जिसमें सरकारी हिस्सेदारी अधिक होगी और टोल वसूलने का निर्णय भी सरकार लेगी।

​इंदौर की आर्थिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा: यह हाईवे न केवल धार्मिक यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि इंदौर को उज्जैन और अन्य प्रमुख शहरों से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।

​महाकाल एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव

​महाकाल एक्सप्रेस-वे से समन्वय: इसके साथ ही, भोपाल को उज्जैन से इंदौर होते हुए जोड़ने वाला 200 किलोमीटर लंबा महाकाल एक्सप्रेस-वे भी प्रस्तावित है, जिसकी लागत ₹5000 करोड़ तक हो सकती है। इन परियोजनाओं का समन्वय मध्य प्रदेश को एक मजबूत सड़क नेटवर्क प्रदान करेगा।

​अन्य लिंक मार्गों का विकास: उज्जैन शहर में भी दौलतगंज, निकास, कंठाल, एटलस जैसे महत्वपूर्ण चौराहों और मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिससे महाकाल लोक और रेलवे स्टेशन तक आवाजाही और भी आसान हो जाएगी।

​यह नया ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना महाकाल के भक्तों के लिए एक बड़ा उपहार साबित होगा और सिंहस्थ 2028 के आयोजन को भी सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी और पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी।

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