IMD Weather Alert April 2026: साल 2026 के अप्रैल महीने की शुरुआत उम्मीद के विपरीत काफी आक्रामक रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बड़े हिस्से के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। राजस्थान की तपती रेत से लेकर बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों तक, आसमान में एक 'बवंडर' जैसी स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के 18 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ने वाला है।
भीषण गर्मी के बीच अचानक क्यों बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय पश्चिम विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी वाली हवाओं का एक दुर्लभ मिलन हो रहा है। इसके कारण मध्य भारत और उत्तर भारत के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) बन गया है। यही कारण है कि जहां एक तरफ तापमान बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है।
इन 18 राज्यों में 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट
IMD ने निम्नलिखित राज्यों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
उत्तर भारत: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश।
पश्चिम भारत: राजस्थान और गुजरात (धूल भरी आंधी का सबसे ज्यादा असर यहाँ दिखेगा)।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा।
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और सिक्किम (भारी वर्षा की चेतावनी)।
राजस्थान: आसमान में धूल का गुबार
राजस्थान के पश्चिमी जिलों जैसे बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा रह सकती है। यहाँ "सैंडस्टॉर्म" (Sandstorm) की स्थिति बन रही है, जिससे दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और यातायात बाधित हो सकता है।
बिहार और बंगाल: वज्रपात (Lightning) का खतरा
पूर्वी भारत में नमी अधिक होने के कारण "काल बैसाखी" जैसी स्थिति बन रही है। बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें और मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
खेती और आम जनजीवन पर असर
यह मौसम फसलों के लिए भी चिंता का विषय है। गेहूं की कटाई के अंतिम चरण में होने के कारण, अचानक बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बिजली कटौती की समस्या भी आ सकती है।