​Weather Update: 1 से 3 फरवरी तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Weather Update: उत्तर भारत में 1 से 3 फरवरी तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। दिल्ली, यूपी और पंजाब के लिए मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट। जानें अपने शहर का हाल।
 
1-3 February Weather Forecast

1-3 February Weather Forecast: ​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में 1 से 3 फरवरी के बीच भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इस बदलाव का मुख्य कारण हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होने वाला एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है।

​इस सिस्टम के कारण न केवल पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी, बल्कि मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।

​किन राज्यों पर होगा सबसे ज्यादा असर?

​IMD के अनुसार, उत्तर भारत के राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:

​जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: भारी बर्फबारी और बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी।

​हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी।

​दिल्ली-NCR: 2 और 3 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा)।

​उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी के जिलों में ओलावृष्टि की संभावना।

​राजस्थान और मध्य प्रदेश: तापमान में गिरावट और छिटपुट बारिश।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब कुदरत का दोहरा प्रहार होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताज़ा बुलेटिन में चेतावनी दी है कि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो चुका है, जिसका सबसे गहरा असर उत्तर प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिलेगा। 1 फरवरी से शुरू होकर यह सिलसिला 3 फरवरी तक चलेगा।

​1. उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा

​उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

​किन जिलों में है अलर्ट?

​पश्चिमी उत्तर प्रदेश: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, और सहारनपुर में 2 फरवरी को भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

​मध्य और पूर्वी यूपी: लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में 2 फरवरी की शाम से मौसम बदलेगा। यहाँ 3 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

​खेती पर संकट

​कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल में दाने बन रहे हैं और सरसों पकने की कगार पर है। अगर ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।

​2. राजस्थान: रेतीले धोरों में बारिश और शीतलहर की वापसी

​राजस्थान में मौसम का मिजाज सबसे पहले बदलना शुरू होगा। पाकिस्तान की ओर से आ रही नम हवाओं ने जैसलमेर और बाड़मेर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया है।

​क्षेत्रवार पूर्वानुमान:

​उत्तरी राजस्थान: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में 1 और 2 फरवरी को घना कोहरा और छिटपुट बारिश होगी।

​शेखावाटी क्षेत्र: सीकर, झुंझुनूं और चूरू में न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट आएगी। बारिश के बाद चलने वाली उत्तरी हवाएं ठिठुरन बढ़ाएंगी।

​जयपुर संभाग: राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में 2 फरवरी को बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।

​3. तकनीकी कारण: क्यों बरसेंगे बादल?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार का पश्चिमी विक्षोभ काफी ऊंचाई पर है और इसे अरब सागर से पर्याप्त नमी मिल रही है। जब यह ठंडी हवा हिमालय से टकराएगी, तो मैदानी इलाकों में 15-20 mm तक बारिश दर्ज की जा सकती है।

​IMD की सलाह: "1 से 3 फरवरी के बीच घर से बाहर निकलते समय रेनकोट या छाता साथ रखें। विशेषकर खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूर और किसान बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।"

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