8वें वेतन आयोग से गायब हुआ 'सबसे बड़ा फायदा'! पेंशनभोगियों के लाभों पर विवाद गहराया

8th Pay Commission: 7वें वेतन आयोग से अलग: पूर्व-सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पुनरीक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं, यूनियनों ने जताया विरोध
 
8 th pay
8th Pay Commission: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission - CPC) के गठन और उसके 'Terms of Reference' (ToR) की अधिसूचना जारी करने के बाद, लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया है कि 8वें वेतन आयोग के ToR में पेंशनभोगियों के लिए पेंशन पुनरीक्षण (Pension Revision) का वह महत्वपूर्ण प्रावधान गायब है, जो 7वें वेतन आयोग में स्पष्ट रूप से शामिल था। यही वह सबसे बड़ा फायदा है जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है, और यह 8वें CPC को उसके पूर्ववर्ती आयोग से काफी अलग बनाता है।
​पेंशन पुनरीक्षण की शर्त का अभाव: विवाद की जड़
​7वें वेतन आयोग का गठन करते समय जारी की गई अधिसूचना (ToR) में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि आयोग "पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की संरचना तय करने के सिद्धांतों की जांच करेगा, जिसमें उन कर्मचारियों के मामले में पेंशन का पुनरीक्षण भी शामिल है जो इन सिफारिशों के लागू होने की तारीख से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।"
​हालांकि, 8वें वेतन आयोग के ToR में यह विशिष्ट खंड (specific clause) अनुपस्थित है। इसमें मुख्य रूप से कर्मचारियों के 'परिलब्धियां, भत्ते' और 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अनफंडेड लागत' जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है, लेकिन पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) के तहत सेवानिवृत्त हुए मौजूदा पेंशनभोगियों की पेंशन में सीधे संशोधन या पुनरीक्षण का कोई स्पष्ट mandate नहीं दिया गया है।
​कर्मचारी यूनियनों का कड़ा विरोध
​ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलॉई फेडरेशन (AIDEF) और कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलॉईज एंड वर्कर्स सहित अन्य यूनियनों ने इस चूक को "69 लाख पेंशनभोगियों के साथ अन्याय" बताया है। यूनियनों ने वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ToR में तत्काल संशोधन की मांग की है। उनका तर्क है कि पेंशन का पुनरीक्षण एक अधिकार है और महंगाई के इस दौर में इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
​यूनियनों ने मांग की है कि 7वें CPC के ToR में शामिल प्रावधान को 8वें CPC में भी जोड़ा जाए। इसके अलावा, उन्होंने संसदीय स्थायी समिति द्वारा अनुशंसित कुछ अन्य लाभों, जैसे 11 साल बाद पेंशन के commuted मूल्य की बहाली और सेवानिवृत्ति के बाद हर 5 साल में 5% बढ़ी हुई पेंशन, पर भी विचार करने की मांग की है।
​7वें CPC से मुख्य अंतर और 8वें CPC की अपेक्षाएं
7वां केंद्रीय वेतन आयोग (लागू: 2016) 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (प्रस्तावित: 2026)
न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 ₹34,500 – ₹41,000 (संभावित)
फिटमेंट फैक्टर 2.57 2.86 (संभावित)
पेंशन पुनरीक्षण पूर्व-सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए स्पष्ट प्रावधान स्पष्ट प्रावधान गायब होने पर विवाद
नया फोकस वेतन मैट्रिक्स और भत्तों का पुनरीक्षण प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) पर विचार

7वां केंद्रीय वेतन आयोग (लागू: 2016)

8वां केंद्रीय वेतन आयोग (प्रस्तावित: 2026)

न्यूनतम मूल वेतन

₹18,000

₹34,500 – ₹41,000 (संभावित)

फिटमेंट फैक्टर

2.57

2.86 (संभावित)

पेंशन पुनरीक्षण

पूर्व-सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए स्पष्ट प्रावधान

स्पष्ट प्रावधान गायब होने पर विवाद

नया फोकस

वेतन मैट्रिक्स और भत्तों का पुनरीक्षण

प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) पर विचार

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