क्रिप्टो मार्केट क्रैश: ₹100 लाख करोड़ स्वाहा! 6 हफ्तों में बिटकॉइन 27% लुढ़का, 7 महीने के निचले स्तर पर

Crypto Market Crash: वैश्विक अनिश्चितता और AI बबल के डर से निवेशकों में भगदड़, $1.2 ट्रिलियन मार्केट कैप साफ.
 
Crypto Market Crash

Cryptocurrency Market Falling:   क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले छह हफ्तों में भारी तबाही मची है, जिसने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बबल' (AI Bubble) की आशंकाओं के बीच, क्रिप्टोकरेंसी के कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalisation) से $1 ट्रिलियन से अधिक (करीब ₹100 लाख करोड़) का नुकसान हो चुका है। इस दौरान दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमत 27% से अधिक गिरकर 90,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चली गई, जो पिछले सात महीनों में इसका सबसे निचला स्तर है।

​ 6 हफ्तों में $1.2 ट्रिलियन का नुकसान
​क्रिप्टोकरेंसी के इतिहास में यह गिरावट सबसे तेज और क्रूर गिरावटों में से एक है। कॉइनमार्केटकैप (CoinMarketCap) के आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर को क्रिप्टोकरेंसी का कुल मार्केट कैप $4.28 ट्रिलियन के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था, जो अब घटकर $3.13 ट्रिलियन के आसपास आ गया है। इस प्रकार, केवल छह सप्ताह की अवधि में ही करीब $1.15 से $1.2 ट्रिलियन की भारी पूंजी का सफाया हो गया है। इस गिरावट ने बाजार में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
​ बिटकॉइन 90,000 डॉलर से नीचे फिसला
​गिरावट का सबसे बड़ा असर बिटकॉइन पर पड़ा है, जिसने अपनी सारी बढ़त गंवा दी है।
​अक्टूबर में रिकॉर्ड हाई: बिटकॉइन 6 हफ्ते पहले $1,26,000 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था।
​मौजूदा स्थिति: यह मंगलवार को पहली बार सात महीनों में $90,000 के स्तर से नीचे गिर गया और बुधवार को $91,400 के करीब कारोबार कर रहा था।
​कुल गिरावट: अपने उच्चतम स्तर से इसमें करीब 27% की गिरावट दर्ज की गई है।
​जानकारों का कहना है कि 90,000 डॉलर का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन था, इसके टूटने से बाजार का सेंटीमेंट और भी खराब हुआ है।
​अन्य प्रमुख क्रिप्टो का भी बुरा हाल
​बाजार में आई इस सुनामी में केवल बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं:
​एथेरियम (Ethereum): दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो, एथेरियम भी अपनी अगस्त की ऊँचाइयों ($4,955) से लगभग 40% लुढ़क चुकी है और $3,000 के स्तर को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।
​अन्य ऑल्टकॉइन: सोलाना (Solana), रिपल (Ripple), डॉगकॉइन (Dogecoin) सहित कई प्रमुख ऑल्टकॉइन में भी बड़ी गिरावट आई है। पिछले एक हफ्ते में ऑल्टकॉइन 16% से अधिक गिर चुके हैं।
​ क्रैश के पीछे के मुख्य कारण
​क्रिप्टो बाजार की इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और बाजार-विशिष्ट कारक जिम्मेदार हैं:
​1. अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होना
​यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगी हैं। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर गोल्ड और क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम भरी परिसंपत्तियों (Risky Assets) को कम आकर्षक बना देती हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
​2. टेक्नोलॉजी शेयरों में 'AI बबल' का डर
​वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों की रिकॉर्ड तेजी को लेकर 'बबल' (अति-मूल्यांकन) की चिंताएं बढ़ गई हैं। Google की मूल कंपनी Alphabet के प्रमुख सुंदर पिचाई ने भी AI बूम में "अतार्किकता" (Irrationality) की चेतावनी दी है। जब टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट आती है, तो क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम वाले एसेट्स में बिकवाली बढ़ जाती है।
​3. बड़े निवेशकों (Whales) द्वारा मुनाफावसूली
​बाजार की रैली में बड़े पैमाने पर खरीदारी करने वाले संस्थागत निवेशक और 'व्हेल्स' (अत्यधिक क्रिप्टो रखने वाले बड़े निवेशक) अब मुनाफावसूली कर रहे हैं। ETF (Exchange Traded Fund) से भी लगातार आउटफ्लो (पूंजी की निकासी) हो रहा है, जिसने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया है।
​4. लिक्विडेशन और लेवरेज्ड बेट्स
​अत्यधिक लीवरेज (उधार) पर ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के दांव लिक्विडेट हुए हैं, जिससे बाजार में गिरावट की गति तेज हुई है।
​5. नियामक अनिश्चितता
​दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नियामक अनिश्चितता (Regulatory Uncertainty) अभी भी बनी हुई है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित करती है।
​आगे क्या? निवेशकों को क्या करना चाहिए
​बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में क्रिप्टो बाजार का सेंटीमेंट, स्ट्रक्चर और मनोविज्ञान तीनों ही दबाव में हैं। हालांकि, कुछ तकनीकी विश्लेषक $89K–$91K के क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन मान रहे हैं, जहां से ऐतिहासिक रूप से मजबूत रिकवरी शुरू हुई है।
​निवेशकों को इस अत्यधिक अस्थिर बाजार में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। बाजार के जानकार आंशिक रूप से खरीदारी करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि जब तक व्यापक आर्थिक माहौल में सुधार नहीं होता, तब तक बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

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