चक्रवात 'दितवाह' ने आंध्र प्रदेश में बढ़ाई चिंता, तटीय और रायलसीमा जिलों में मूसलाधार बारिश की आशंका

Weather News Today: ​मौसम विभाग ने जारी किया 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट; राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए कसी कमर.
 
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Weather Update 01 December 2025: ​दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'दितवाह' अब कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल चुका है, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह प्रणाली उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के कई जिलों में बारिश की तीव्रता को काफी बढ़ा सकती है। मौसम कार्यालय के अनुसार, इस मौसमी हलचल के कारण दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश (SCAP) और रायलसीमा क्षेत्रों में अगले 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
​आईएमडी के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'दितवाह' रविवार को गहरे दबाव में बदल गया और उत्तर तमिलनाडु तथा पुडुचेरी तटों के बेहद करीब, लगभग 30 से 70 किलोमीटर की दूरी पर केंद्रित रहा। यह प्रणाली धीरे-धीरे उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है और इसके धीरे-धीरे और कमजोर होकर सोमवार दोपहर तक एक सामान्य दबाव क्षेत्र में बदलने की उम्मीद है। हालांकि, तट से दूरी बनाए रखने के बावजूद, इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। चक्रवात के नामकरण की बात करें तो 'दितवाह' नाम यमन द्वारा सुझाया गया था, जो सोकोट्रा के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित एक बड़ी खारी लैगून (Detwah Lagoon) को संदर्भित करता है।
​आंध्र प्रदेश के कई जिलों में, खासकर रविवार और सोमवार को सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेल्लोर और तिरुपति जिलों के कई हिस्सों में रविवार को मध्यम से भारी वर्षा और तेज हवाएं चलीं। आईएमडी ने सोमवार के लिए तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 'रेड अलर्ट' (अत्यधिक भारी वर्षा) जारी किया है, जिसमें नेल्लोर और प्रकाशम जिले शामिल हैं। इसके अलावा, तिरुपति, कडप्पा और अन्नमय्या जैसे रायलसीमा के जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और कोनसीमा जैसे अन्य तटीय जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है, जिसके लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। मंगलवार को भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है।
​राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। किसी भी आपात स्थिति पर नज़र रखने और उसे प्रबंधित करने के लिए संवेदनशील जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमों को नेल्लोर और अन्य तटीय क्षेत्रों में एहतियातन तैनात किया गया है। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के लिए एसएमएस अलर्ट भी भेजे हैं। सबसे महत्वपूर्ण कदम के तहत, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रकाश जैन ने बताया कि चक्रवात प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों में डिलीवरी के करीब 7,900 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई थी, जिनमें से 375 को एहतियात के तौर पर पहले ही अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को भी हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी बिजली आपूर्ति में व्यवधान को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
​तेज हवाओं और भारी बारिश से किसानों को बड़े नुकसान की आशंका है। रायलसीमा और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के हिस्सों में खड़ी फसलों के बर्बाद होने का डर है, जिससे कृषि अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आईएमडी ने अपनी चेतावनी में कहा है कि रविवार रात को 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज़ हवाएं सोमवार शाम से कम होकर 35-45 किमी प्रति घंटे तक हो सकती हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे मंगलवार तक समुद्र में न जाएं, और जो पहले से ही समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने के लिए कहा गया है। स्थानीय अधिकारियों ने विशेष रूप से गुंटूर, प्रकाशम, नेल्लोर, चित्तूर, तिरुपति, अन्नमय्या और कडप्पा जिलों के निवासियों को फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) के जोखिम के कारण अत्यधिक सतर्क रहने और घर के अंदर ही रहने की अपील की है।
​चक्रवात 'दितवाह' इस साल मॉनसून के बाद के अक्टूबर-नवंबर के मौसम में विकसित होने वाला तीसरा चक्रवाती तूफान है, जो क्षेत्र में लगातार मौसम की चुनौतियों को रेखांकित करता है। प्रशासन का कहना है कि वे हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर होने के साथ ही, उम्मीद है कि मंगलवार से राज्य में मौसम में सुधार आना शुरू हो जाएगा, जिससे सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी।

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