Delhi Blast News: 'व्हाइट कॉलर' टेरर नेटवर्क की पूरी कुंडली

 
Delhi
​​​ Delhi Blast News: लाल किला इलाके के पास हुए बम धमाके की जांच में 'व्हाइट कॉलर' टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि यह एक आत्मघाती (फिदायीन) हमला था, जिसमें पढ़े-लिखे पेशेवर लोग शामिल थे। इस नेटवर्क के तार कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं, जिसमें कई डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई है।
​ सात 'किरदारों' का टेरर कनेक्शन
​जांच में मुख्य रूप से सात किरदारों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें से कई का पेशा डॉक्टरी है, जो इस नेटवर्क को तकनीकी और आर्थिक मदद दे रहे थे। यह नेटवर्क कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इशारे पर काम कर रहा था।
​1. डॉ. उमर मोहम्मद (पुलवामा)
​जांच एजेंसियों को शक है कि वह इस हमले का कथित मास्टरमाइंड था।
​माना जा रहा है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई i20 कार डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर थी और धमाके के दौरान वही कार चला रहा था।
​अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद घबराकर उसने यह फिदायीन हमला किया होगा।
​2. डॉ. आदिल अहमद राथर (अनंतनाग)
​अनंतनाग जीएमसी मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर।
​अक्टूबर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार।
​उसके लॉकर से AK-47 राइफल मिली थी।
​3. डॉ. मुजम्मिल शकील (पुलवामा/फरीदाबाद)
​फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा कश्मीरी डॉक्टर।
​उसकी निशानदेही पर फरीदाबाद से करीब 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक) बरामद हुआ था।
​4. डॉ. शाहीन शाहिद (लखनऊ/फरीदाबाद)
​जैश की कथित महिला विंग हेड।
​उसकी कार से एक असॉल्ट राइफल बरामद हुई।
​डॉ. मुजम्मिल से उसकी निकटता थी।
​5. डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद (हैदराबाद/गुजरात)
​गुजरात एटीएस ने 7 नवंबर को गिरफ्तार किया।
​चीन से पढ़ाई कर चुका यह डॉक्टर 'रिसिन' नामक खतरनाक जहर (अरंडी के बीजों से बनने वाला) बनाने की तैयारी कर रहा था।
​6. तारिक अहमद मलिक (पुलवामा)
​पुलवामा का रहने वाला एटीएम गार्ड।
​उसने ही ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई i20 कार खरीदी थी, जिसे बाद में उमर को दे दिया गया।
​7. आमिर राशिद और उमर राशिद (पुलवामा)
​पुलवामा से हिरासत में लिए गए ये दोनों भाई तारिक अहमद मलिक के सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। ये भी टेरर नेटवर्क से जुड़े थे।
​ फरीदाबाद कनेक्शन और विस्फोटक की बरामदगी
​दिल्ली ब्लास्ट से कुछ ही समय पहले, जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने मिलकर फरीदाबाद के एक ठिकाने से लगभग 2,900 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) बरामद किया था। इस बरामदगी और दिल्ली में हुए धमाके के बीच की नजदीकी ने जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के आपस में जुड़े होने का शक और मजबूत कर दिया है। बरामद विस्फोटक की सामग्री ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई सामग्री से मेल खा रही है।
​जांच एजेंसियां अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर पूरे आतंकी मॉड्यूल की गहनता से पड़ताल कर रही हैं, जिसने राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने की साजिश रची थी।