दिल्ली कार ब्लास्ट: NEET टॉपर डॉ. उमर उन नबी कैसे बना मुख्य संदिग्ध?

Delhi Red Fort Car Blast: लाल किला के पास हुआ विस्फोट और एक होनहार डॉक्टर का नाम.
 
Delhi
​​​Delhi Red Fort Car Blast: दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक हुंडई i20 कार में हुए विस्फोट ने देश को स्तब्ध कर दिया है। इस आतंकी घटना में 12 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। जांच एजेंसियों ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी को मुख्य संदिग्ध माना है, जिसके बारे में आशंका है कि वह विस्फोट के समय कार चला रहा था और मारा गया।
​पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला 35 वर्षीय डॉ. उमर उन नबी, एक बेहद होनहार छात्र था। उसने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद श्रीनगर के प्रतिष्ठित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) से एमबीबीएस और एमडी (जनरल मेडिसिन) की पढ़ाई की थी। वह नीट-पीजी में राज्य के टॉपर्स में से एक था। एमडी पूरी करने के बाद उसने जीएमसी अनंतनाग और फिर फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम किया।
​🏥 मेडिकल कॉलेज से क्यों निकाला गया?
​डॉ. उमर उन नबी को मेडिकल कॉलेज से निकालने का कारण उसकी कथित लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थिति को बताया जाता है।
​शिकायतें और मरीज की मौत: सूत्रों और अनंतनाग मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. गुलाम जीलानी के अनुसार, डॉ. उमर जब जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट थे, तब उनके खिलाफ सहयोगी डॉक्टरों, पैरा-मेडिकल स्टाफ और मरीजों द्वारा लगातार शिकायतें आ रही थीं।
​नौकरी से बर्खास्तगी: हद तब पार हो गई जब 2023 में उनकी देखरेख में भर्ती एक गंभीर मरीज की मौत हो गई। आरोप है कि उमर मरीज को छोड़कर ड्यूटी से गायब हो गए थे। इसी घटना के बाद उन्हें अस्पताल से निकाल दिया गया था।
​इस घटना के बाद डॉ. उमर फरीदाबाद चले गए, जहां वह कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा वाले डॉक्टरों के एक समूह के संपर्क में आए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह समूह एनक्रिप्टेड टेलीग्राम चैनलों पर सक्रिय था और आतंकी गतिविधियों में शामिल था। फरीदाबाद से पहले ही डॉ. आदिल अहमद राठर और डॉ. मुजम्मिल शकील सहित कई अन्य डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी।
​ आतंकी साजिश और जांच
​जांच एजेंसियां मानती हैं कि दिल्ली ब्लास्ट एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था। फरीदाबाद में हुई गिरफ्तारियों से घबराकर डॉ. उमर ने जल्दबाजी में यह विस्फोट किया, संभवतः वह आईईडी को कहीं ठिकाने लगाने जा रहा था। कार में अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर जैसे वाणिज्यिक विस्फोटक भरे हुए थे।
​विस्फोट में मारे गए व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डॉ. उमर की मां का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूछताछ के लिए उनके परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया है।