Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹1.50 लाख और सोना ₹13,000 सस्ता, जानें आज के ताज़ा भाव!

बजट 2026 के बाद सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट। चांदी झटके में ₹1.50 लाख तक गिरी, सोना भी हुआ सस्ता। जानिए गिरावट के कारण और ताज़ा रेट।
 
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भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में पिछले कुछ दिनों से जो हलचल मची है, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। बजट 2026 के पेश होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। एक समय पर आसमान छू रही चांदी अब 'क्रैश' की स्थिति में है, जबकि सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है।

​चांदी में ऐतिहासिक गिरावट: ₹1.50 लाख तक सस्ता

​बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। पिछले सप्ताह तक जो चांदी ₹4 लाख प्रति किलो के करीब पहुंचने की कोशिश कर रही थी, वह अब भरभराकर गिर गई है।

​भारी गिरावट: सिर्फ तीन कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब ₹1.50 लाख प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है।

​बजट का असर: बजट वाले दिन (1 फरवरी 2026) भी चांदी के दाम ₹27,000 प्रति किलो तक गिर गए थे।

​मौजूदा स्थिति: वर्तमान में चांदी ₹2.60 लाख से ₹2.65 लाख प्रति किलो के दायरे में कारोबार कर रही है।

​सोने की कीमतों में भी बड़ी सेंध: ₹13000 तक फिसला

​सोने की कीमतों में भी बजट के बाद से लगातार गिरावट देखी जा रही है। प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत जो ₹1.90 लाख के करीब पहुंच गई थी, वह अब काफी नीचे आ चुकी है।

​एक दिन का झटका: बजट के दिन सोना ₹13,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ।

​एमसीएक्स अपडेट: वायदा बाजार (MCX) पर सोने की कीमतें ₹1.45 लाख से ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास मंडरा रही हैं।

​22 कैरेट का हाल: आम खरीदारों के लिए 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी ₹8,000 से ₹10,000 की बड़ी राहत मिली है।

​गिरावट के 5 प्रमुख कारण

​बाजार के जानकारों का मानना है कि इस 'महा-क्रैश' के पीछे केवल बजट ही नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं:

​मुनाफावसूली (Profit Booking): कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने अपनी होल्डिंग बेचकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा।

​मार्जिन में बढ़ोतरी: वैश्विक एक्सचेंजों ने सोने-चांदी के वायदा कारोबार पर मार्जिन बढ़ा दिया है, जिससे ट्रेडिंग लागत बढ़ गई और पोजीशन अनवाइंडिंग शुरू हुई।

​मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से सोने-चांदी की अंतरराष्ट्रीय मांग पर असर पड़ा है।

​फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिका में नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन के नामांकन और ब्याज दरों को लेकर आए संकेतों ने बुलियन मार्केट को अस्थिर कर दिया।

​बजट घोषणाएं: आयात शुल्क (Import Duty) और टैक्स से जुड़ी अटकलों के चलते भी घरेलू बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।

​क्या अभी और गिरेंगे दाम?

​विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह 'Buy on Dips' (गिरावट पर खरीदारी) का मौका हो सकता है। ज्वेलरी की योजना बना रहे परिवारों के लिए यह समय राहत भरा है।

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