देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 72 घंटों के लिए भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक, बादलों के बदले तेवर ने प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।
इन राज्यों में होगी "झमाझम" बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, एक नए कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी हवाएं तेज हो गई हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है:
राजस्थान और गुजरात: यहाँ अगले 48 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में मानसून की सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है। नदी-नाले उफान पर रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) का खतरा है, जबकि मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र: मुंबई सहित तटीय इलाकों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
वैज्ञानिकों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की वजह से नमी वाली हवाएं तेजी से मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
सावधानी और बचाव के निर्देश
मछुआरों को सलाह: समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
यात्रियों के लिए: पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पहले मौसम की अपडेट जरूर लें।
किसानों के लिए: तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और जल निकासी का उचित प्रबंध करने को कहा गया है।