ऐतिहासिक क्षण! नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ; गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब
Nitish Kumar Shapath Grahan: नितीश कुमार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने भी संभाला पदभार, नई एनडीए सरकार का गठन.
Thu, 20 Nov 2025
Nitish Kumar Shapath Grahan: बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज रिकॉर्ड 10वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर गांधी मैदान में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ा, जो नई एनडीए सरकार के प्रति जनता के विश्वास और उत्साह को दर्शाता है।
नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दोनों नेताओं को नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो राज्य के विकास और सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मंत्रिमंडल में संतुलन और समावेशी प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के अलावा, एनडीए गठबंधन के घटक दलों के कुल 17 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस मंत्रिमंडल में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है, जिसमें जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सदस्यों को भी जगह मिली है।
जेडीयू और बीजेपी: दोनों प्रमुख घटक दलों से 8-8 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने का संकेत है।
अन्य सहयोगी दल: रालोसपा, रालोमो और HAM से एक-एक मंत्री ने शपथ ली, जो गठबंधन की एकजुटता और समावेशी प्रतिनिधित्व की भावना को दर्शाता है।
मंत्रिमंडल में अनुभवी और युवा चेहरों का मिश्रण देखने को मिला है। इनमें कई पूर्व मंत्री और कुछ पहली बार मंत्री बनने वाले विधायक शामिल हैं। नई कैबिनेट का गठन बिहार के सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
एनडीए की एकजुटता और भविष्य की चुनौतियाँ
यह शपथ ग्रहण समारोह एनडीए गठबंधन की मजबूती और एकजुटता का प्रमाण है। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद, गठबंधन ने बिना किसी देरी के सरकार बनाने की प्रक्रिया को पूरा किया।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी इस नई सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ और एजेंडे हैं। राज्य में सुशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोज़गार सृजन, और कृषि क्षेत्र का विकास शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और 'विकसित बिहार' के सपने को साकार करने का संकल्प लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, और भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने न केवल इस अवसर को गरिमा प्रदान की, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग का संदेश भी दिया।
गांधी मैदान में जश्न का माहौल
गांधी मैदान में सुबह से ही एनडीए समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया था। पारंपरिक गीतों, नारों और लोक नृत्यों के साथ जश्न का माहौल बना रहा। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, लेकिन लोगों का उत्साह और उमंग देखते ही बन रहा था। नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने पर जनता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और नई सरकार से विकास की गति को और तेज़ करने की उम्मीद जताई।
